बच्चों पर अपनी अपेक्षाएं नहीं थोपे अभिभावक: नरेंद्र मोदी

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नई दिल्ली (भाषा)। सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में सफल छात्रों को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि जिनके परिणाम इच्छा के अनुरूप नहीं आएं हैं उनके लिए जीवन अटक नहीं जाता इसलिए विश्वास से आगे बढ़े क्योंकि संतोष की बजाए असंतोष खोजना नकारात्मकता का रूप है।

पीएम मोदी ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वो बच्चों पर अपनी अपेक्षाएं ना थोपें। आकाशवाणी पर प्रसारित मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा, ''पिछले आठ-दस दिन से कहीं न कहीं से कोई न कोई परिणाम आ रहे हैं। मैं चुनाव के परिणाम की बात नहीं कर रहा हू। मैं उन विद्यार्थियों की बात कर रहा हूं जिन्होंने साल भर कड़ी मेहनत की परीक्षा दी, 10वीं के, 12वीं के एक के बाद एक परिणाम आना शुरु हुए  हैं।''      

उन्होंने कहा कि इसमें हमारी बेटियां पराक्रम दिखा रही हैं खुशी की बात है। इन परिणामों में जो सफल हुए हैं उनको मेरी शुभकामना है, बधाई है। जो सफल नहीं हो पाए हैं उनको मैं फिर से एक बार कहना चाहूंगा कि जिंदगी में करने के लिए बहुत-कुछ होता है। अगर हमारी इच्छा के मुताबिक परिणाम नहीं आया है तो कोई जिंदगी अटक नहीं जाती। विश्वास से जीना चाहिए विश्वास से आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने कहा, ''मैं अभिभावकों से आसपास के लोगों से आग्रह करता हूं कि आपके बच्चे जो परिणाम लेकर आए हैं उसको स्वीकार कीजिए, स्वागत कीजिए, संतोष व्यक्त कीजिए और उसको आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कीजिए, वर्ना हो सकता है ऐसा दिन भी आए कि शत प्रतिशत नंबर आने के बाद भी आप कहें कि 100 आये हैं, लेकिन फिर भी तुम कुछ ऐसा करते तो और अच्छा होता। तो हर चीज की कुछ तो मर्यादा रहनी ही चाहिए।''  

प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों की अपेक्षाओं को पूर्ण करने के लिए आप पर बोझ पड़ता है। मैं तो आप से इतना ही कहूंगा कि ऐसी स्थिति में आप अपना संतुलन मत खोइए। हर कोई अपेक्षायें व्यक्त करता है, सुनते रहिये, लेकिन अपनी बात पर डटे रहिये और कुछ अधिक अच्छा करने का प्रयास भी करते रहिये। लेकिन जो मिला है, उस पर संतोष नहीं करोगे, तो फिर नई इमारत कभी नहीं बना पाओगे।

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