बछिया-बछड़ा होने पर पशु मित्र को मिलेंगे सौ रुपए

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लखनऊ। कृत्रिम गर्भाधान करने के बाद अगर बछिया या बछड़ा हुआ तो इसके लिए पशुमित्रों को मानदेय तो मिलेगा साथ प्रोत्साहन राशि के तौर पर प्रति पशु सौ रुपए भी दिए जाएंगे। 

प्रदेश में इस बार 1.25 करोड़ पशुओं का पशुमित्रों द्वारा कृत्रिम गर्भाधान करने का लक्ष्य रखा गया है। उत्तर प्रदेश पशुधन परिषद् के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ.बीबी.एस यादव ने बताया कि पिछले वर्ष 80 लाख पशुओं का लक्ष्य रखा गया था इस बार बढ़ा दिया गया है। इस लक्ष्य को समय से पूरा किया जा सके और उच्च गुणवत्ता के पशु जन्म ले सके इसके लिए पशुमित्रों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

 इसमें पशुमित्र जिन पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान करेगा फिर उसको टैग लगाएगा आगे उससे बछड़ा या बछिया जो भी पैदा होगी उसे प्रोत्साहन राशि के तौर पर 100 रुपए दिए जाएंगे। इस पूरी योजना के लिए सरकार द्वारा 20 करोड़ रुपए का बजट भी दिया गया है। 

पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान करने का कार्य डॉक्टरों के साथ-साथ पशुमित्रों को भी दिया गया है, जिसमें पशुमित्रों एक एआई (कृत्रिम गर्भाधान) करने पर 150 से 200 रुपए मिलते है। इस योजना के तहत एक पशुमित्र को लगभग एक हजार कृत्रिम गर्भाधान करना होगा। 

उत्तर प्रदेश में करीब 11 हजार पशुमित्र है जिसमें से छह हजार पशुमित्र सक्रिय है। 1800 पशुओं पर एक पशुमित्रों रखा जाता है। वर्तमान में 75 जिलों की हर न्याय पंचायत में एक पशुमित्र तैनात है। 

योजना के बारे डॉ यादव  ने बताया कि सरकार से जो बजट मिला है उसमें पशुमित्रों की प्रोत्साहन राशि और गर्भाधान करने के लिए जिन औजारों की जरुरत पड़ती है यह सभी शामिल होंगे। 

अभी जिन पशुमित्रों के पास एआई किट है उन्होंने कृत्रिम गर्भाधान का कार्य शुरू कर दिया जो रिपोर्ट हर जिले में एसोसिएशन के द्वारा मिल जा रही है। जिन पशुमित्रों के पास एआई किट नहीं है उन्हें अगले महीने तक यह किट दे दी जाएगी।  

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