बदलते मौसम में गंभीर बीमारियों का खतरा

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मैनपुरी। बदलता मौसम लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। गर्मी और फिर बारिश से लोगों को कई प्रकार की संक्रामक बीमारियां होने लगी हैं।

बारिश थमने से उमस भरी गर्मी में मौसमी बीमारियां तेजी से अपने पैर पसार रही हैं। हाल यह है कि बीते 48 घंटों में जिला अस्पताल में दो हजार से ज्यादा मरीजों ने अपना पंजीकरण कराया। इनमें से गंभीरावस्था में आधा सैकड़ा से ज्यादा मरीजों को आपातकालीन कक्ष में भर्ती कराया गया।

जुलाई-अगस्त को बीमारियों का सीजन कहा जाता है। पखवाड़े भर भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को दो दिन पहले हुई झमाझम बारिश ने राहत पहुंचाई थी लेकिन फिर निकलते तेज धूप निकलने से एक बार फिर उमस बढ़ गई। 48 घंटों में जिला अस्पताल में अलग-अलग बीमारियों से पीड़ित दो हजार से ज्यादा मरीजों ने अपना पंजीकरण कराया। सबसे अधिक तादात बुखार, सिर दर्द, डायरिया, उल्टी और पेट दर्द के मरीजों की रही। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एके उपाध्याय का कहना है, “इस मौसम में बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं।

इम्यून सिस्टम पर प्रभाव पड़ता है, जिसकी वजह से व्यक्ति जल्दी ही बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। डायरिया, मौसम बुखार और पेट दर्द जैसी समस्याएं सामान्य होती हैं। बेहतर है कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल चिकित्सक की सलाह ली जाए।”

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके गुप्ता का कहना है, “बच्चों के लिए यह मौसम सर्वाधिक परेशानियों भरा होता है। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता सामान्य व्यक्ति की अपेक्षा कम होती है। जरुरी है कि बच्चों की नियमित सफाई रखें और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें चिकित्सकों के पास ले जाएं।

इन मरीजों में से आधा सैकड़ा से ज्यादा मरीजों को गंभीरावस्था में आपातकाल कक्ष में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की बनी हुई है कमी शासन स्तर से जिला चिकित्सालय में मरीजों के उपचार के लिए तमाम सुविधाएं दी जा रही हैं लेकिन चिकित्सकों की कमी के कारण गंभीर बीमारियों का इलाज नहीं हो पा रहा है।” मरीजों की संख्या तो दिनोंदिन बढ़ती जा रही है लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों की कमी लगातार बनी हुई है।

रिपोर्टर - वीरभान सिंह

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