बेहतर मानसून से भरेगा धान का कटोरा

बेहतर मानसून से भरेगा धान का कटोराgaonconnection

लखनऊ। भले ही बाढ़ कुछ इलाकों में किसानों को परेशान कर रही हो मगर ये खेतों को लबालब करतीं बूंदें अब चावल के दामों को भी कम करेंगी। राज्य के अधिकांश हिस्सों में बेहतरीन मानसूनी बारिश से आने वाले समय में धान की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है, जिससे चावल के सस्ता होने की आस जग रही है। पिछले दो साल से कम बारिश के चलते धान की फसल खराब हुई, जिसका सीधा असर शहरी बाजार में देखने को मिला।

आम लोगों के लिए सामान्य चावल भी इन दिनों 25 रुपए प्रति किलो से कम में फुटकर बाजार में मिलना संभव नहीं हो रहा है। मगर इस बार दामों में कमी आएगी। साथ ही किसानों के चेहरे पर भी अच्छी फसल से बेहतर लाभ होने की उम्मीद देखी जा रही है। राज्य में करीब पांच लाख हेक्टेयर भूमि पर धान की फसल बोई गई है, जिसके बहुत अच्छे परिणामों की आस में किसान हैं। लगभग 20 फीसदी तक की कमी चावल के दामों में आने की संभावना जताई जा रही है।

 स्वयं प्रोजेक्ट के तहत हमने प्रदेश के कई हिस्सों में किसानों से बात की तो निष्कर्ष यही निकला कि धान के किसान खुश हैं। दो साल से सामान्य से भी कम हुई बारिश है, जिसका असर सबसे अधिक धान की फसल पर दिखाई दिया, जिसकी वजह से धान की फसल कमजोर रही। नतीजा ये रहा कि बाजार में सर्दी आते-आते चावल के दाम बढ़ने लगे। इससे फुटकर बाजार में सबसे सस्ते चावल का दाम ही 25 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है, जबकि महंगाई की बात करें तो चावल का दाम गुणवत्ता के हिसाब से 80 रुपए किलो तक पहुंच चुका है। मगर इस बार धान की पैदावार अधिक होने से बाजार में चावल के दामों में 20 फीसदी तक कमी आने की उम्मीद की जा रही है। लखनऊ के जिला कृषि अधिकारी डीके सिंह बताते हैं, “निश्चित तौर पर इस बार बारिश बेहतर हो रही है, जिसका असर बाजार पर होगा। खाद्यान्न के दाम अभी बढ़े हुए हैं। ये बहुत बेहतर पैदावार से कम होंगे।”

किसानों के खिले चेहरे

रायबरेली जिले के हरचंदपुर ब्लॉक के किसान राममिलन लोधी ( 49 वर्ष) पांच बीघे में धान की खेती करते हैं। वो बताते हैं, “बारिश भले रुक-रुक कर हो रही है पर इससे खेतों में नमी बढ़ गई है, जो धान की फसल के लिए अच्छी बात है। अभी जितनी ज़्यादा वर्षा होगी उतना ही फायदा होगा, पिछली बारिश हुई ही नहीं थी,जिससे धान बर्बाद हो गया था पर इस साल ऐसा लग रहा है कि अच्छी फसल होगी और दाम भी बढ़िया मिलेगा।’’

बाराबंकी जिले के बसारी गाँव के किसान विजय कुमार ( 50 वर्ष) कहते हैं, “इन दिनों मौसम धान के लिए बिलकुल सटीक है। खेत में भरपूर पानी है और धान की रोपाई भी हो चुकी है, जितनी बरसात होगी उतनी ही तेज़ी से धान बढ़ेगा।’’ जिला मुख्यालय बारांबकी से 14 किलीमीटर दूर हरख ब्लॉक के रहने वाले रमेश कुमार एक प्रगतिशील किसान हैं और इसके साथ ही ग्राम प्रधान भी हैं।

रमेश कुमार सिंह (42 वर्ष) बताते हैं, “मेरे पास 25 बीघा खेती है, जिसमें गन्ना और धान बोया गया है। अगर अच्छी बारिश हुई तो बहुत लाभ मिलेगा। इसके साथ-साथ मैंने  बरसात के मौसम में केले का पौधा रोपण भी किया है, अगर बारिश हुई तो इससे भी अच्छा मुनाफा होगा।” 

  हरदोई जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर भरावन ब्लॉक के किसान पुत्तू शुक्ला (58 वर्ष) बताते है, “पिछली बार बरसात में धान की फसल खराब हो गई थी । इस बार दो बीघा में धान बोया है, अभी तक तो बरसात अच्छी हुई है। अगर ऐसे ही बारिश रही तो ज्यादा सिंचाई की जरूरत भी नहीं पड़ेगी और पैसा भी कम लगेगा। इससे कमाई अच्छा मुनाफा भी होगा।”

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