बेटी से मिलने इंदौर पहुंचा गीता का परिवार

बेटी से मिलने इंदौर पहुंचा गीता का परिवार

प्रतापगढ़। पाकिस्तान से आई गीता को एक हफ़्ते से ज्यादा समय गुजर गया, लेकिन अभी तक प्रतापगढ़ के रामराज और उनका परिवार गीता से न मिल सका।

पाकिस्तान में ईदी फाउंडेशन के पास रह रही गीता, बजरंगी भाई जान फिल्म के बाद सुर्खियों में आयी। दूसरे और परिवारों की तरह प्रतापगढ़ जिले के कुंडा तहसील के रामा का पुरवा टिकैतन गाँव के रामराज ने भी गीता को अपनी बेटी होने दावा किया था। 

अनारा देवी ने फ़ोन पर बताया, ''जब से गीता वापस आयी है। हम लोग बेटी से मिलने के लिए परेशान हैं। दिल्ली आयी तो हम लोग दिल्ली भी गए, लेकिन उससे पहले ही उसको हटा दिया गया और हमको नहीं मिलने दिया गया।" अनारा आगे बताती हैं, ''हम लोगों की कोई अधिकारी नेता सुनने वाला नहीं है, बस एक बार हमें बेटी से मिलवा दें, गीता हमारी ही बेटी है।"

रामराज और अनारा देवी इंदौर में रहने वाले अपने गाँव के ही गौरी शंकर शुक्ला के घर रुके हुए हैं। गौरी शंकर शुक्ला ने फोन पर बताया, ''कलेक्टर के यहां प्रार्थना पत्र दे दिया है। लिखापढ़ी होने के बाद बताएंगे की कब मिल सकते हैं।" रामराज और अनारा देवी गीता के आते ही दिल्ली गए लेकिन वहां भी उनके हाथ मायूसी ही लगी गीता को इंदौर भेज दिया गया था। दिल्ली से लौटने के बाद रामराज ने इलाहाबाद मंडलायुक्त के पास डीएनए जांच के लिए प्रार्थना पत्र भी दिया था। उसके बाद मंडलायुक्त ने प्रतापगढ़ जिलाधिकारी को निर्देश दिया था की जांच की जाए। रामराज अपने साथ गीता की बचपन की फ्रॉक, फोटो और इलाहाबाद मंडलायुक्त के यहां दिए गए डीएनए जांच संबंधी प्रार्थना पत्र लिए हुए हैं।

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