भारत में 720 लोगों की सुरक्षा करता है एक पुलिस का जवान

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लखनऊ। हाल ही में बुलंदशहर में मां-बेटी से हुए सामूहिक दुष्कर्म के बाद मंगलवार को लोकसभा में सभी राज्यमार्गों में गश्ती दलों के गठन की मांग उठी लेकिन जब देश में पांच लाख सुरक्षाकर्मियों की कमी है तो ऐसे में लोगों की सुरक्षा समुचित तौर पर कैसे संभव है। 

26 जुलाई 2016 को लोकसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार, एक जनवरी 2015 तक भारत में पांच लाख पुलिसकर्मियों की कमी है। गृह मंत्रालय के अनुसार, 36 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में, 1.72 करोड़ पुलिसकर्मी हैं, जबकि पुलिस की संख्या 2.26 करोड़ होनी चाहिए। सरकारी अनिवार्य अनुपात के अनुसार, प्रति 547 भारतीयों पर एक पुलिस अफसर होना चाहिए, लेकिन वर्तमान में यह संख्या प्रति 720 भारतीयों पर एक पुलिस अफसर है। यह संख्या दुनिया में सबसे कम पुलिस-जनसंख्या अनुपात में से है। संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रति 436 लोगों पर एक पुलिस अफसर है जबकि में स्पेन प्रति 198 लोगों पर और दक्षिण अफ्रीका में प्रति 347 लोगों पर एक पुलिस अफसर है।

बुलंदशहर में कुछ दिनों पहले हाईवे पर नोएडा से शाहजहांपुर कार से जा रहे एक परिवार पर बावरिया गैंग में धावा बोल दिया था। इसके बाद बदमाशों ने पुरुषों को बंधक बनाकर मां और बेटी से सामूहिक दुष्कर्म किया था। बाद में सीएम अखिलेश यादव के सख्त रवैये के चलते पुलिस ने तीन बदमाशों को दबोचकर जेल भेज दिया।

इस वारदात के अलावा भी आए दिन बलात्कार, लूट-डकैती और हत्याओं के मामले सामने आते रहते हैं और पुलिस जांच और कार्रवाई का आश्वासन देकर मामले को खींचती रहती है।

पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो की 2014 की इस रिपोर्ट के अनुसार, 90 फीसदी तक भारतीय पुलिसकर्मी वर्तमान में आठ घंटे से अधिक काम करते हैं। यह कहा गया है कि 68 फीसदी पुलिसकर्मी 11 घंटे से अधिक काम करते हैं जबकि 28 फीसदी 14 घंटे से अधिक काम करते हैं। करीब आधे ने रिपोर्ट की है कि महीने में छुट्टी के दौरान उन्हें कम से कम आठ से दस बार ड्यूटी पर बुलाया जाता है।

दक्षिण एशियाई टेररिज्म पोर्टल में उद्धृत संयुक्त राष्ट्र के मानकों के अनुसार प्रति 454 लोगों पर एक पुलिस अफसर होना चाहिए। उन मानकों के संदर्भ में बिहार में तीन गुना से भी अधिक पुलिसकर्मियों की आवश्यकता है। यहां तक ​​कि भारतीय मानकों के अनुसार भी राज्य में पुलिसकर्मियों की संख्या की तुलना में 2.5 गुना अधिक पुलिस की आवश्यकता है।

उत्तर प्रदेश में 50 फीसदी पुलिसकर्मियों की कमी

यूपी की बात करें तो उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा हाल में तैयार की गई विस्तृत आंतरिक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में पुलिस की कुल तादाद 2.95 लाख होनी चाहिए, लेकिन वास्तविक सेवारत पुलिसकर्मियों की कुल संख्या 1.45 लाख के आस-पास है। इसका मतलब समग्र रूप से करीब 50 फीसदी पुलिस बल की कमी है। 

(लेख में प्रस्तुत आंकड़े मूलत: अंग्रेज़ी में 28 जुलाई 2016 को indiaspend.com पर प्रकाशित हुए थे।)

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