भारत में जिस तरह के बदलाव की ज़रुरत वैसा नहीं हो रहा: अंशु गुप्ता

भारत में जिस तरह के बदलाव की ज़रुरत वैसा नहीं हो रहा: अंशु गुप्ताgaonconnection

वाशिंगटन (भाषा)। मैगसायसाय पुरस्कार से सम्मानित अंशु गुप्ता ने कहा है कि भारत में जिस तरह के बदलाव की ज़रुरत है वैसा नहीं हो रहा है। उन्होंने आम आदमी के समक्ष खड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए लीक से हटकर सोच की पैरवी की।

गुप्ता ने वाशिंगटन डीसी के उपनगरीय इलाके वर्जीनया के मैकक्लीन में भारतीय-अमेरिकियों के एक समूह के साथ बातचीत में कहा, ‘‘भारत में हमें जिस तरह से बदलाव की ज़रुरत है वैसा नहीं हो रहा है।'' साल 2015 के मैगसायसाय पुरस्कार के विजेता गुप्ता इन दिनों अमेरिका में व्याख्यान और संवाद के लिए आए हैं। वह बोस्टन, न्यूयॉर्क, सैन फ्रांसिस्को और लॉस एंजिलिस सहित कई शहरों का दौरा करने वाले हैं।

इन कार्यक्रमों का मकसद भारत में ग्रामीण विकास, महिला सशक्तीकरण और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन सहित सामाजिक मुद्दों के निदान के संदर्भ में कई समुदाय के साथ संवाद करना है।

नई दिल्ली आधारित गैर सरकारी संगठन ‘गूंज' के संस्थापक गुप्ता ने कहा, ‘‘कपड़ा अब भी मुद्दा नहीं है। दुनिया भर में विकास के एजेंडे में कपड़े का उल्लेख नहीं है। भीषण सर्दी के मौसम में काफी लोगों की मौत होती है। फिर सर्दी को आपदा क्यों नहीं माना जाता?'' उन्होंने भारत के भीतर के पलायन जैसे मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘झुग्गी-बस्तियां शहरों का विस्तार नहीं हैं, बल्कि गाँवों का विस्तार हैं। अगर हम गाँवों को आत्म-निर्भर बनने के लिए सही सहयोग और संसाधन मुहैया कराएंगे तो ग्रामीणों को शहरों की ओर पलायन करने की जरुरत नहीं पड़ेगी।''

Tags:    India 
Share it
Top