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भारत में प्रति 10 लाख की आबादी पर सिर्फ 18 न्यायाधीश

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नई दिल्ली (भाषा)। भारत में प्रति 10 लाख की आबादी पर सिर्फ 18 न्यायाधीश हैं, जबकि विधि आयोग ने इसे बढ़ाकर 50 किए जाने की सिफारिश की थी। न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने की मांग करते हुए प्रधान न्यायाधीश ने इसी साल 1987 की विधि आयोग की एक रिपोर्ट का हवाला दिया था।

विधि मंत्रालय द्वारा सार्वजनिक पटल पर रखे गए आंकड़े के अनुसार भारत में आबादी के हिसाब से न्यायाधीशों का अनुपात प्रति 10 लाख पर 17.86 न्यायाधीशों का है।

मिजोरम में यह अनुपात सबसे अधिक है। वहां प्रति 10 लाख पर 57.74 न्यायाधीश हैं। दिल्ली में यह अनुपात 47.33 है जबकि देश की सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में प्रति 10 लाख आबादी पर मात्र 10.54 न्यायाधीश हैं।

पश्चिम बंगाल में न्यायाधीशों का यह अनुपात सबसे कम है। वहां प्रति 10 लाख की आबादी पर सिर्फ 10.45 न्यायाधीश हैं। उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत क्षमता प्रधान न्यायाधीश समेत 31 है जबकि 2009 में स्वीकृत क्षमता 25 थी। शीर्ष अदालत तीन न्यायाधीशों की कमी का सामना कर रही है। उच्चतम न्यायालय में चार नए न्यायाधीशों की हाल में नियुक्ति की गई थी।

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