भारतीय मूल की ये लड़की बनी सबसे युवा डेलीगेट

भारतीय मूल की ये लड़की बनी सबसे युवा डेलीगेटgaonconnection

फिलाडेल्फिया (भाषा)। भारतीय मूल की 18 वर्षीय युवती डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन की यहां सबसे युवा डेलीगेट बन गई हैं। इस कन्वेंशन में हिलेरी क्लिंटन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार चुनी गईं।

सीडर रेपिड्स की रहने वाली और हॉवर्ड विश्वविद्यालय की छात्रा श्रुति पालानीअप्पन हिलेरी की बहुत बड़ी समर्थक हैं। श्रुति के पिता पालानीअप्पन अंदीअप्पन ने भी क्रडेंनशल्ज समिति के सदस्य के तौर पर कन्वेंशन में शिरकत की।

श्रुति यहां की मीडिया और डेलीगेट्स के बीच आकर्षण का केंद्र रही जिनमें अरिजोना की 102 वर्ष की जैरी एम्मेट भी थीं जो कन्वेंशन में सबसे बुजुर्ग डेलीगेट हैं।

सबसे युवा डेलीगेट होने के अलावा, श्रुति ने मंगलवार को तब इतिहास बनाया जब उन्हें ‘रोल कॉल वोट' के दौरान आयोवा का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला।

श्रुति ने फेसबुक पर पोस्ट किया, ‘‘रॉल कॉल के वक्ता के तौर पर आयोवा के डेलीगेशन का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलना एक सपने जैसा था जिसके लिए मैं बेहद आभारी हूं। साथ ही में हमारे अगले राष्ट्रपति को नामित करने की प्रतिक्रिया का हिस्सा बनने को लेकर भी आभारी हूं।'' 

उन्होंने लिखा, ‘‘साथ ही में, हमने प्रमुख राजनीतिक पार्टी की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार के तौर पर पहली महिला-हिलेरी आर। क्लिंटन को चुनकर इतिहास बनाया है।'' श्रुति ने कहा कि पार्टी के डेलीगेट के तौर निर्वाचित होना एक लंबी प्रक्रिया है।

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top