भ्रूण हत्या रोकने को जिलाधिकारी नें दिये कड़े निर्देश

भ्रूण हत्या रोकने को जिलाधिकारी नें दिये कड़े निर्देशगाँव कनेक्शन

अमरोहा। जिलाधिकारी वेदप्रकाश ने ज़िले में भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए कोई ठोस कदम न उठाए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और लिंग अनुपात में वृद्धि को लेके कड़े दिशा-निर्देश दिये।

जिलाधिकारी वेदप्रकाश ने ये निर्देश आज कलैक्ट्रेट परिसर कार्यालय में पीसीपीएनडीटी एक्ट-1994 के अन्तर्गत जनपद स्तर पर गठित सलाहकार समिति की बैठक में दिए। बैठक में वर्तमान समय में सामान्य निरीक्षणों में पाई जाने वाली कमियों पर चर्चा, अल्ट्रासाउन्ड केंद्रों के नवीनीकरण, भ्रूण लिंग की रोकथाम के संबंध में विचार-विमर्श, घटते लिंग के सम्बंध में विस्तृत चर्चा, आदि पर विचार-विमर्श कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।

नोडल अधिकारी डॉ रामजी वर्मा ने बताया कि जनपद सन् 2011 में 1000 पुरूषों के सापेक्ष मात्र 813 महिलाएं थी जबकि वर्तमान में लिंगानुपात में सुधार हुआ है और यह एक हजार पुरूषों के मुकाबले 907 महिलाएं हैं।

जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘यह आंकड़े नाकाफी हैं और सुधार करने की आवश्यकता है।’’ जिलाधिकारी ने निर्देश दिये हैं कि लिंगानुपात में वृद्धि के लिये जन जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाये और व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। जिलाधिकारी ने अवैध डाक्टरों एवं बिना डाक्टरों के संचालित अल्ट्रासाउन्ड सेंटरों पर पाबंदी के लिये संख्त निर्देश दिये।

ज़िलाधिकारी द्वारा अल्ट्रासाउन्ड सेंटरों का निरीक्षण के लिये टीम गठित की गई है। जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘यदि किसी प्रकार की कमी पायी जाती है तो कड़ी कार्यवाही की जायेगी।’’ 

जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि लिंग जांच के बाद कन्या भ्रूण हत्या करने वालें के खिलाफ धारा 313 के तहत कार्यवाही की जाए।

डॉ रामजी वर्मा ने बताया कि गर्भ में लिंग जांच की रोकथाम के लिये पम्पलेट व स्टीकर, पोस्टर एवं  होर्डिंग लगाए जा रहे हैं, जिनको सार्वजनिक स्थानो पर लगाया जायेगा। गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंगानुपात प्रतिरोध) अधिनियम-1994 के प्रथम बार उल्लंघन करने पर लिंग की जांच करने पर तीन वर्ष की कैद तथा 50 हजार रूपए का जुर्माना, द्वितीय बार उल्लंघन करने पर पांच वर्ष की सजा तथा एक लाख रूपए का जुर्माना का प्रावधान है।

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