भूख हड़ताल करने को मजबूर हुए मनरेगा कर्मी

भूख हड़ताल करने को मजबूर हुए मनरेगा कर्मीgaon connection, mnrega

लखनऊ। वेतन विसंगति व मानव संसाधन नीति की मांग पर अड़े मनरेगा कर्मियों ने अब भूख हड़ताल की राह पकड़ ली है। मनरेगा कर्मी पिछले नौ दिनों से लक्ष्मण मेला पार्क में उप्र मनरेगा कार्मिक कल्याण संगठन के बैनर तले धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।

मनरेगा कर्मियों की मांग है कि जब तक शासन से नई मानव संसाधन नीति बनाने व मानदेय बढ़ाने का आदेश जारी नहीं हो जाता तब तक वह हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे और सोमवार से प्रदर्शन को उग्र रूप देंगे। मनरेगा कर्मियों की हड़ताल से योजना पर कोई असर न पड़े इसके लिए शासन द्वारा संयुक्त आयुक्त ग्राम्य विकास की अध्यक्षता में एक समिति का गठन कर नीति बनाने का आश्वासन मनरेगा कर्मियों को बीते बुधवार को दिया गया था लेकिन कर्मियों ने उस आश्वासन को मानने से इंकार कर दिया था। 

भूख हड़ताल पर बैठे उप्र मनरेगा कार्मिक कल्याण संगठन के सदस्य अतुल कुमार व अमित सिंह ने कहा कि प्रदेश में मनरेगा कर्मियों की संख्या पचास हजार से अधिक है। उत्तर प्रदेश में अन्य प्रदेशों की अपेक्षा मनरेगा योजना बेहतर तरीके से संचालित हो रही है। जिसका पूरा योगदान मनरेगा के तहत कार्य करने वाले कर्मियों को जाता है। बावजूद इसके कर्मियों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। 

संगठन के कार्यवाहक अध्यक्ष गजेंद्र सिंह ने बताया कि अपनी मांगों को मनवाने के लिए अभी वह भूख हड़ताल कर रहे हैं। सोमवार से प्रदर्शन को और गति प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि उप्र राज्य कर्मचारी परिषद भी सोमवार से हड़ताल में शामिल होगा। 

हड़ताल कर रहे मनरेगा कर्मियों का कहना है कि मनरेगा की शुरुआत के समय जो मानदेय तय किया गया था उसी मानदेय पर वह अब भी कार्य कर रहे हैं। यही नहीें शासन की कई अन्य योजनाओं में भी उनसे काम लिया जा रहा है। 

बैठक के बाद भी नहीं निकला हल

प्रदेश में मनरेगा कर्मियों द्वारा हड़ताल किए जाने के बाद बुधवार को अपर आयुक्त मनरेगा पिंकी जोवल ने मनरेगा कर्मियों के साथ बैठक की थी। बैठक में उन्होंने संयुक्त आयुक्त ग्राम्य विकास की अध्यक्षता में समिति का गठन कर सात दिन के अंदर एक नीति बनाने का आश्वासन दिया था। 

अपर आयुक्त के आश्वासन के बाद पहले तो मनरेगा कर्मियों ने हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया लेकिन बाद में अचानक फैसला बदलते हुए हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया। शासन तक अपनी आवाज पहुंचने के लिए मनरेगा कर्मियों ने शनिवार को भूख हड़ताल का भी सहारा लिया। 

रिपोर्टिंग - श्रीवत्स अवस्थी 

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