बिहार में राष्ट्रपति शासन का उपयुक्त समय: रामविलास

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पटना (भाषा)। लोजपा प्रमुख और केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने आज यहां बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग दोहराते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड चुकी है जिसको बयान करने के लिए उनके पास शब्द नहीं है।

पटना स्थित लोजपा के प्रदेश कार्यालय में आज आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान रामविलास ने पूर्व में दो अभियंताओं, भाजपा और लोजपा के एक-एक नेता, तीन पुलिस अधिकारियों, किसलय, आदित्य और राजदेव तथा कल बक्सर में टे्रन में एक जवान की हत्या की चर्चा करते हुए कहा कि बिहार में आमजन पर जारी हमले के साथ अब देश के चौथे खंभे पर भी हमला शुरु हो गया है।

उन्होंने बिहार में महागठबंधन (जदयू-राजद-कांग्रेस) शासनकाल के दौरान अब कानून व्यवस्था और सरकार नाम की कोई चीज नहीं बचे नहीं होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान में इस प्रदेश में विधि व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी हुई है उसे बयान करने के लिए उनके पास शब्द नहीं है क्योंकि यहां ‘जंगलराज' अथवा ‘राक्षसराज' से भी बुरी स्थिति है।

रामविलास ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर बिहार में घट रही आपराधिक घटनाओं के प्रति संवेदनहीन होने का आरोप लगाते हुए उन पर मुद्दाविहीन (शराबबंदी और वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के पूर्व गैर भाजपायी दलों को एकजुट करने) का आरोप लगाया और इसे नक्कारखाने में तूती की आवाज की संज्ञा दी।

पासवान ने शराबबंदी को लेकर नीतीश के अन्य प्रदेश के भ्रमण पर कटाक्ष करते हुए इसे ‘70 चूहा खाके बिल्ली चली हज को चली' की संज्ञा देते हुए कहा कि न तो वे जेपी (जयप्रकाश नारायण) हैं, न ही विनोबा भावे हैं। ऐसे में उनके शराबबंदी को लेकर घूम-घूमकर दिए जा रहे ‘प्रवचन' को कौन सुनने वाला है.

पासवान ने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार और राजद प्रमुख लालू प्रसाद को ‘एक करेला और दूसरा नीम चढा' की संज्ञा देते हुए आरोप लगाया कि बिहार में लगातार हत्याएं हो रही हैं और लालू प्रसाद यहां सुशासन होने की बात कर रहे हैं।

उन्होंने जदयू के पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में ‘बिहार में बहार है, नीतीश कुमार हैं' के नारे को उद्धरित करते हुए मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या यही इनकी ‘बिहार में बहार' है।

रामविलास ने बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने का उपयुक्त समय होने की अपनी मांग को दोहराते हुए इसके लिए प्रदेश की जनता से भी आवाज उठाने की अपील की।

राजग में केवल उनकी पार्टी द्वारा राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग किए जाने के बारे में पूछे जाने पर रामविलास ने सभी के एक मत होने का दावा करते हुए केंद्र द्वारा उत्तराखंड में लगाए गए राष्ट्रपति शासन का उदाहरण दिया और कहा कि केंद्र द्वारा वहां राष्ट्रपति शासन लगा दिया था। लेकिन न्यायालय के आदेश पर विश्वास मत हासिल कर लेने के बाद वहां की हरीश रावत की सरकार को बहाल कर दिया।

उन्होंने आदित्य और राजेदव हत्याकांड की सीबीआई से जांच कराए जाने के साथ मृतक के आश्रितों को मुआवजे के तौर पर 25-25 लाख रुपये और सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की।

रामविलास ने कहा कि कल गया स्थित आदित्य सचदेवा के घर वे गए थे और वरिष्ठ पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या की जांच के लिए लोजपा के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष चिराग पासवान के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल कल सीवान जाएगा तथा उनकी पार्टी के कार्यकर्ता जिला मुख्यालयों में काला बिल्ला लगाकर धरना देंगे। इस अवसर पर पासवान ने किसलय, आदित्य और रंजन की तस्वीरों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया।

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