आकाशीय बिजली गिरने से बिहार के छपरा में खेत में काम कर रहे 9 किसानों की मौत

Arvind ShuklaArvind Shukla   26 April 2020 10:00 AM GMT

आकाशीय बिजली गिरने से बिहार के छपरा में खेत में काम कर रहे 9 किसानों की मौत

आकाश से गिरने वाली बिजली (बज्रपात) ने बिहार में 9 किसानों की जान ले ले है, जबकि 6 से ज्यादा झुलसे लोगों का इलाज चल रहा है। घटना बाद छपरा जिले के खलपुरा इलाके में मातम पसरा हुआ है।

रविवार को छपरा जिले में सदर ब्लॉक के खलुपरा और शेरपुर पांचयत सारण के किसान अपने अपने परवल के खेतों में काम करने गए थे। इसी दौरान इसी दौरान तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई, जिसके बाद आकाशीय बिजली गिरने से ये हादसा हुआ। छपरा टुडे वेबसाइट के मुताबिक ग्राम पंयाचत के मुखिया अजय सिंह ने बताया "रविवार की सुबह किसान खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान बारिश शुरू हो गई। सभी किसान मचान के पास एकत्र हो गए तभी बज्रपात (आकाशीय बिजली) हो गया और कई किसान इसकी चपेट मं आ गये। सूचना के बाद घायलों को छपरा के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।"

छपरा के सांसद राजीव प्रपात रूड़ी ने घटना पर शोक जताते हुए जताते हुए कहा कि त्वरित कार्रवाई कर प्रत्येक पीड़ित परिवार को आपदा राहत कोष से 4-4 लाख रुपए का चेक अंचलाधिकारी ने गांव जाकर लोगों को दिया है।

हादसे के बाद मृतक और घायल किसानों के घर में मातम पसरा हुआ है। मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि करीब 15 किसान सुबह अपने परवल के खेतों में गए जहां आकाशीय बिजली गिरने से ये हादसा हुआ। और 9 किसानों की दुखद मौत हो गई। घायल किसानों को हर संभव चिकित्सा मुहैया कराई जा रही हैं।

इनपुट- अंकित मिश्रा, छपरा - खबर अपडेट की जा रही है..

यह भी पढ़ें- आकाशीय बिजली से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान, बच जाएगी जान


आखिर क्या होती है आकाशीय बिजली, या वज्रपात

आसमान में बादल होने पर कड़क के साथ धरती पर गिरने वाली बिजली को तड़ित कहते हैं। अंग्रेजी में इसे Lightning कहते हैं। आकाश में बादलों के बीच तब टक्कर होती है, यानि घर्षण होने से अचानक इलेक्ट्रोस्टैटिक चार्ज निकलती है, ये तेजी से आसमान से जमीन की तरफ आता है। इस दौरान हमें तेज़ कड़क आवाज़ सुनाई देती है और बिजली की स्पार्किंग की तरह प्रकाश दिखाई देता है। इसी पूरी प्रक्रिया को आकाशीय बिजली कहते हैं। आकाशीय बिजली के गिरने से लोगों की इंसानों के साथ पशु-पक्षियों तक की मौत हो जाती है, हरे पेड़ तक गिर जाते हैं। लेकिन कुछ जरुरी एहतियात बरतने पर इस प्राकृतिक आपदा से बचाव संभव है।

Next Story

More Stories


© 2019 All rights reserved.