बीस दिन भी पानी नहीं दे पाईं टंकियां

बीस दिन भी पानी नहीं दे पाईं टंकियां

लखीमपुर खीरी। गाँवों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के सरकारी दावों की पोल लखीमपुर खीरी जिलें में खुलती नजर आ रही है। यहां 50-50 लाख रुपये लगाकर बनाई टंकियां महज बीस दिन भी लोगों को पानी मुहैया नहीं करा पाईं। 

जिला पंचायत और बीडीसी चुनावों में गाँवों को चमका देने के वादे हो रहे हैं। प्रत्याशी तरह तरह के विकास के वादों को कर तो रहे हैं पर बीते वादे ही आज तक अधूरे पड़े हैं। शहर से आठ 10 किलोमीटर दूर लकेसर गाँव में आठ साल पहले बनी सरकारी टंकी गाँव वालों को महज बीस दिन भी पानी नहीं पिला पाई। गाँव में पहुंचते ही टंकी के नीचे कुछ लोग बैठे थे। गाँव कनेक्शन संवाददाता ने जब उनसे टंकी के संबंध में पूछा तो वो बोले भइया जब से बनी है ऐसे ही खड़ी है।

गाँव के बुजुर्ग जैद हँसते हुए बोले, ''टंकी काहे की भइया ऊ गाना रहे न ये खिड़की जो बन्द रहती है़ वही तराई टंकी बन्द रहती है।" टंकी के बारे में पूछताछ करते देखा तो एक नौजवान राहुल आया और बोला, ''गाँव में पानी की टंकी 2008 में बनी थी बाबूजी। मुश्किल से बीस दिन चली होगी, तब से बन्द है। घटिया पाइप पड़े थे, प्रेशर पड़ते ही फट गए तब से ये टंकी सफेद हाथी बन गई अब इसकी छांव में सब लोग ताश खेलते हैं।" लकेशर गाँव में पांच हजार से ज्यादा आबादी होगी। इतना समय बीत जाने के बावजूद और कई बार अधिकारियों को इस संबंध में जानकारी देने के बाद भी आज तक इन टंकियों से गाँव वालों को पेयजल नहीं मिल पाया है।

रिपोर्टर - प्रतीक श्रीवास्तव

Tags:    India 
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