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  • आधुनिक युग की मीरा थीं महादेवी वर्मा

    महादेवी वर्मा की गिनती हिन्दी कविता के छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभ सुमित्रानन्दन पन्त, जयशंकर प्रसाद और सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला के साथ की जाती है। महादेवी वेदना की गीतकार हैं, जिसकी अभिव्यक्ति छायावादी शैली में प्रकृति के माध्यम से हुई है।मेरे बचपन के दिनअपने बचपन के संस्मरण 'मेरे बचपन के...

  • पाश के जन्मदिन पर नीलेश मिसरा की आवाज़ में सुनिए उनकी कविता 'मेहनत की लूट'

    लखनऊ। विद्रोही कविता के कलमकार अवतार सिंह संधू जिन्हें दुनिया पाश के नाम से जानती है। उनका जन्म 9 सितंबर 1950 को तलवंडी के सलेम गाँव (पंजाब) में जन्मे संधू समकालीन पंजाबी साहित्य के महत्वपूर्ण कवि माने जाते हैं। उनका जन्म एक किसान परिवार में हुआ था। 1967 में पाश बंगाल के नक्सलवादी आंदोलन से...

  • अमृता प्रीतम की कहानी : एक जीवी, एक रत्नी, एक सपना 

    पालक एक आने गठ्ठी, टमाटर छह आने रत्तल और हरी मिर्चें एक आने की ढेरी 'पता नहीं तरकारी बेचनेवाली स्त्री का मुख कैसा था कि मुझे लगा पालक के पत्तों की सारी कोमलता, टमाटरों का सारा रंग और हरी मिर्चों की सारी खुशबू उसके चेहरे पर पुती हुई थी।एक बच्चा उसकी झोली में दूध पी रहा था। एक मुठ्ठी में उसने माँ की...

  • जन्मदिन विशेष : पंजाबी साहित्य की रूमानी शख्सियत अमृता प्रीतम

    मैं तुम्हें फिर मिलूंगी...इमरोज़ ठीक ही कहते हैं कि उसने जिस्म छोड़ा है,साथ नहीं छोड़ा।ये सच है कि कुछ रूहें जिस्म से जान निकल जाने के बाद भी आबाद रहती हैं और मोहब्बत करने वालों के दिलों में अपना ठिकाना बना लेती हैं।हिंदी और पंजाबी साहित्य की ऐसी ही एक बेहद रूमानी शख्सियत थीं जो जितनी खूबसूरत थीं उससे...

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