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  • आधुनिक युग की मीरा थीं महादेवी वर्मा

    आज यानि 26 मार्च को कवियत्री महादेवी वर्मा छायावादी युग की प्रमुख स्तंभों में से एक महादेवी वर्मा की जयंती है। महादेवी वर्मा की गिनती हिन्दी कविता के छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभ सुमित्रानन्दन पन्त, जयशंकर प्रसाद और सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला के साथ की जाती है। महादेवी वेदना की गीतकार हैं,...

  • पुण्यतिथि विशेष : अमृतलाल नागर का एक ख़त... जो उन्होंने उपेंद्र नाथ अश्क को लिखा था

    अमृतलाल नागर का जन्म 17 अगस्त 1916 को हुआ था। नागर हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार थे। इन्होंने नाटक, रेडियोनाटक, रिपोर्ताज, निबन्ध, संस्मरण, अनुवाद, बाल साहित्य आदि के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इन्हें साहित्य जगत में उपन्यासकार के रूप में सर्वाधिक ख्याति प्राप्त हुई यही नहीं उनका...

  • खुशवंत सिंह : “ये वो शख्स है जिसने न इंसान को बख्शा न भगवान को”

    खुशवंत सिंह एक भारतीय लेखक, वकील, उपन्यासकार, पत्रकार और राजनीतिज्ञ थे। आज उनकी जयंती है। 2 फरवरी 1915 को उनका जन्म पंजाब के हदाली में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वकील के तौर पर की थी और आठ साल तक लाहौर कोर्ट में प्रैक्टिस भी की लेकिन बाद में उन्होंने कुछ दिनों के...

  • सीमाब अकबराबादी : जिन्होंने क़ुरान का उर्दू कविता में किया था अनुवाद

    सीमाब अकबराबादी उर्दू के पसंदीदा शायरों में से एक हैं। उनका नाम तो आशिक़ हुसैन सिद्दीक़ी था लेकिन उन्हें लोग उनके तख़ल्लुस 'सीमाब अकबराबादी' से ही जानते हैं। 5 जून 1882 को उत्तर प्रदेश के आगरा में जन्मे सीमाब, दाग़ देहलवी के शागिर्द थे। आज उनकी पुण्यतिथि है। सीमाब अकबराबादी को फ़ारसी और अरबी भाषा...

  • जयशंकर प्रसाद की पांच कविताएं

    जिस समय हिंदी साहित्य में खड़ी बोली और आधुनिकता की शुरुआत हो रही थी उसी समय साल 1889 में 30 जनवरी को जयशंकर प्रसाद का जन्म हुआ था। जयशंकर प्रसाद हिन्दी कवि, नाटकार, कथाकार, उपन्यासकार तथा निबन्धकार थे। हिन्दी के छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में निराला, पन्त, महादेवी के साथ उनका नाम लिया जाता...

  • अमृता प्रीतम की कहानी : एक जीवी, एक रत्नी, एक सपना 

    पालक एक आने गठ्ठी, टमाटर छह आने रत्तल और हरी मिर्चें एक आने की ढेरी "पता नहीं तरकारी बेचनेवाली स्त्री का मुख कैसा था कि मुझे लगा पालक के पत्तों की सारी कोमलता, टमाटरों का सारा रंग और हरी मिर्चों की सारी खुशबू उसके चेहरे पर पुती हुई थी।एक बच्चा उसकी झोली में दूध पी रहा था। एक मुठ्ठी में उसने माँ की...

  • नेपोलियन बोनापार्ट ने अपनी प्रेमिका डिज़ायरी को लिखा था ये ख़त

    (डिजायरी नेपोलियन की पहली प्रेमिका थी, जिसे नेपोलियन जीवनभर नहीं भूल सका । जब वह वाटरलू में युद्ध पर गया तो अपने कागजात यहाँ तक कि अपनी पत्नी लूसी के पत्र तक डिजायरी के पास रख गया। डिजायरी जो कि एक मामूली घराने की लड़की थी, फ्रांस की नहीं तो स्वीडन की रानी बन गई...)प्रिये,मैं एविग्नान बहुत ही उदास...

  • जब कोर्ट में दिलीप कुमार ने कहा था - इस औरत से मुझे इश्क़ है और मरते दम तक रहेगा...

    एक तमन्ना है... यूसुफ साहब को देखूं... ये बात 105 डिग्री बुख़ार से तड़प रही मधुबाला ने अपने मरने से पहले अपनी बहन कनीज़प्पा से कही थी। आज दिलीप कुमार यानि यूसुफ ख़ान का जन्मदिन है। यूं तो दिलीप कुमार पर कहने को, सुनने को बहुत कुछ है लेकिन मधुबाला के साथ उनके इश्क़ की अधूरी दास्तान के बिना लगभग हर...

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