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  • प्रधानाध्यापक ने हाथ जोड़कर की अपील, बच्चों को स्कूल भेजें

    बहराइच। जहां एक तरफ सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को लेकर सवाल उठ रहे हैं, प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की संख्या कम हो रही है, वहीं बहराइच के एक प्रधानाध्यापक सरकारी स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए अनोखे तरीके अपना रहे हैं। विकास खंड, चित्तौरा के प्राथमिक विद्यालय सरदारपुरवा में कभी...

  • बदलाव की बयार... इस स्कूल में छुट्टी के दिन भी पहुंचते हैं बच्चे

    चरथावल (मुजफ्फरनगर): रात से हो रही बारिश, सड़क पर भरा पानी, लेकिन दस साल की नूर फातिमा को स्कूल जाने की जल्दी है, घर वाले मना भी करते हैं लेकिन नूर कहां रुकने वाली। उसे समय पर स्कूल पहुंचकर अपने लगाए पौधे जो देखना है। नूर फातिमा मुजफ्फरनगर जिले के चरथावल ब्लॉक के सैदपुर प्राथमिक विद्यालय में...

  • एक स्कूल ऐसा, जहां खेल-खेल में होती है पढ़ाई

    चरथावल (मुजफ्फरनगर)। चौथी कक्षा में पढ़ने वाला आयुष सुबह से कुछ ज्यादा खुश नजर आ रहा है, खुश भी क्यों न हो आज उसे बैग और किताबें नहीं ले जानी हैं। आज सिर्फ वो अपना पसंदीदा खेल खेलेगा और उसके साथ ही पढ़ाई करेगा। आयुष कुमार मुजफ्फरनगर ज़िले के चरथावल ब्लॉक के सलेमपुर गाँव के प्राथमिक विद्यालय में...

  • सरकारी स्कूल: मार्शल आर्ट सीखते हैं गांव के बच्चे, स्कूल में है छात्रों की सरकार

    महरौनी (ललितपुर)। देश के सरकारी स्कूल अपनी हालत को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। लेकिन कुछ स्कूल ऐसे भी हैं जो सीमित संसाधनों में कमाल कर रहे हैं। वहां दाखिले के लिए अभिभावक निजी से स्कूलों तक से नाम कटवा लेते हैं। ऐसा ही एक स्कूल बुंदेलखंड के ललितपुर जिले में भी है।कुछ साल पहले तक इस स्कूल...

  • हुनर से बदला जिन्दगी का ताना बाना

    (पाकुड़) झारखण्ड। ग्रामीण क्षेत्र में जिन हाथों में हुनर है पर वो पैसे के अभाव में अपने हुनर को आकार देने में सक्षम नहीं हैं ऐसे लोगों को झारखंड स्टेट लाइवलीहुड मिशन सोसाइटी आजीविका मिशन के तहत रोजगार से जोड़ने का काम कर रहा है। जिसमें से अब्दुल रहीम एक हैं जो हैंडलूम के जरिए अपने हुनर को निखार रहे...

  • खुले में शौच न जाने की खाई कसम

    शाहपुर कठौतिया (श्रावस्ती)। सन्नो और उसके बेटे की तबीयत लगतार खराब रहने की वजह स्वच्छता के लिए काम करने वाली टीम की सदस्य विमला वर्मा को बखूबी पता थी, जिसके लिए व काफी प्रयासरत भी थीं। उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले के गिलौला ब्लॉक के शाहपुर कठौतिया गाँव में हर दूसरे दिन पहुंच कर डीआरजी टीम की...

  • खुले में शौच के खिलाफ दो लड़कियों की जंग

    बंदनी (श्रावस्ती)। भारत की अन्य करोड़ों महिलाओं की ही तरह बंदनी गाँव में भी रात के अंधेरे में बर्तन खटकने लगते और यहां की महिलाओं को हर रोज सुबह होने से पहले खुले में शौच के लिए जाना होता था। लेकिन गाँव की ही दो लड़कियों के प्रयासों ने स्वच्छता को लेकर लोगों की सोच बदल दी। अठ्ठारह साल की रीता और...

  • जब से आदिवासी महिलाओं ने थामी बागडोर, शिक्षा के स्तर में आ रहा सुधार

    ललितपुर। पचिया सहरिया (40 वर्ष) ख़ुद तो कभी पढ़-लिख नहीं पाईं, लेकिन जब से उन्हें विद्यालय प्रबंधन समिति का अध्यक्ष बनाया गया, उन्हें शिक्षा का महत्व समझ में आया, बस उसी दिन से अपने जैसे दूसरे लोगों की सोच बदलने में जुट गईं। पचिया सहरिया बुंदेलखंड के ललितपुर ज़िले के विरधा ब्लॉक के सहरिया आदिवासी...

  • कृत्रिम गर्भाधान : इन बातों को ध्यान में रखकर पशुपालक बचा सकते हैं, 3300 रूपए

    कृत्रिम गर्भाधान की सफलता और व्यापक विस्तार की राह में सबसे बड़ी बाधा पशु की गर्म अवस्था/गर्मी की सही पहचान न कर पाना है I देश में 30-40 प्रतिशत पशु गर्मी में ना होने की अवस्था में गर्भित कराये जाते हैं, जिसकी वजह से वो गर्भधारण नहीं कर पाते हैंIपशुपालक से अगर एक मदचक्र की गर्मी छुट जाती है तो उसे...

  • Homework Keeping Girls Away from Class in UP School

    Most schools have very strict tardy rules. But this school in Nakha, Lakhimpur Khedi, UP, is bending rules to ensure that no student gets left behind. All thanks to Seema, a student of class VI, in the Jagsar Upper Primary School of Nakha Block. Seema still remembers the day when she had reached...

  • टोपी-टोपी के खेल में बच्चों ने सीखी सफाई

    लखीमपुर। स्कूल में प्रमोद आज पंद्रह मिनट पहले ही अपनी कक्षा पहुंच गए। हाथों में कई सारी टोपियां थीं और ये टोपियां आज बच्चों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाने वाली थीं। प्रमोद ब्लैक-बोर्ड के ऊपरी, दाएं कोने में कुछ लिखने लग जाते हैं। अब तक 7:30 बज चुके हैं और बच्चे भी क्लास में आने शुरू हो गए हैं। इतनी...

  • स्कूल में योग से शुरू होती है बच्चों की सुबह

    गाज़ियाबाद। सुधीर ने कभी योग करना नहीं सीखा था, लेकिन जब से अंशु ने स्कूल जाना शुरू किया है, दोनों हर दिन सुबह साथ में सूर्य नमस्कार करते हैं और फिर अपना दिन शुरू करते हैं। सुधीर गाज़ियाबाद में मजदूरी का काम करते हैं और अंशु, उनका 10 साल का बेटा है, जो गाज़ियाबाद के कवि नगर प्राइमरी स्कूल में तीसरी...

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