बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर लगेंगी सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन

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लखनऊ। संयुक्त राष्ट्र आपातकालीन बाल कोष (यूनिसेफ) ने उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) और रेलवे के साथ एक अहम समझौता किया है।

इस समझौते के जरिए सामाजिक सोच बदलने तथा किशोरियों और महिलाओं में मासिक धर्म को लेकर आत्मविश्वास पैदा करने की बड़ी पहल की गई है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में स्थित बस अड्डों एवं रेलवे स्टेशनों पर यूनिसेफ  की ओर से सेनेटरी नैपकिन पैड मुहैया कराया जाएगा।

उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन आयुक्त प्रवीर कुमार ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि स्वच्छता को लेकर यह एक अनोखी पहल है। उन्होंने बताया, “इस समझौते का मुख्य मकसद मासिक धर्म को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों और कुंठाओं को दूर करना और पूरे प्रदेश में किशोरियों एवं महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन पैड आसानी से मुहैया कराना है।” उन्होंने कहा कि इस करार का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यदि कोई महिला यात्रा कर रही है और इस दौरान उन्हें पैड की जरूरत महसूस होगी, तो वह बस अड्डों या रेलवे स्टेशनों पर लगी नैपकिन वेंडिंग मशीनों से आसानी से पैड प्राप्त कर सकेंगी। 

आयुक्त ने कहा, “इसकी खासियत यह है कि 75 जिलों में बस व रेलवे स्टेशनों पर लगी वेंडिंग मशीनों को आधार कार्ड से लिंक किया जाएगा। आधार कार्ड का अंतिम छह डिजिट इसका पिन नंबर होगा। वेंडिंग मशीन में पिन नंबर डालने के बाद पैड मिल जाएगा। यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध होगी। अगले 18 महीने के भीतर 75 जिलों में 250 वेंडिंग मशीनें लगाई जाएंगी। यह काम तीन चरणों में पूरा होगा।” 

प्रथम चरण में 20 जिलों के 50 बस अड्डों व रेलवे स्टेशनों पर 70 नैपकिन वेंडिंग मशीनें लगाई जाएंगी। दूसरे चरण में उप्र के 25 जिलों के 70 बस अड्डों व रेलवे स्टेशनों पर 90 नैपकिन वेंडिंग मशीनें लगाई जाएंगी। तीसरे और अंतिम चरण में 30 जिलों में 80 बस अड्डों व रेलवे स्टेशनों पर 90 नैपकिन वेंडिंग मशीनें लगाई जाएंगी। उनके मुताबिक समझौते के तहत बस स्टेशनों पर परिवहन विभाग वेंडिंग मशीनें लगाने के लिए जगह, बिजली और वाई-फाई कनेक्शन की सुविधा मुहैया कराएगा। मशीनों की देखरेख और सही संचालन के लिये दो कर्मचारी भी रखे जाएंगे।

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