चार लाख की बंदरबांट, प्वाइंटरों पर नहीं लगे स्टैंड पोस्ट व हैंडपंप

चार लाख की बंदरबांट, प्वाइंटरों पर नहीं लगे स्टैंड पोस्ट व हैंडपंपgaonconnection

शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर)। नगर पंचायत शोहरतगढ़ में जल निगम द्वारा फर्जी प्वाइंटरों पर स्टैंड पोस्ट (टोटी) व हैंडपंप लगवाने के नाम पर चार लाख रुपए का बंदरबांट कर लिया गया है। वहीं हैंडपंप रिबोर कराने के नाम पर भी पैसा निकला है, बावजूद इसके हैंडपंप की स्थिति जस की तस बनी हुई है। इसका खुलासा RTI में मिले जवाब में दिए गए प्वाइंटरों की तलाश के बाद स्टैंड पोस्ट व हैंडपंप न मिलने के बाद हुआ। रिमाइंडर भेजकर सही सूचना मांगने पर विभाग सूचना देने से कतरा रहा है।

कस्बा निवासी RTI कार्यकर्ता मनोज गुप्ता ने जल निगम विभाग से जुलाई 2015 में नगर पंचायत के अंदर लगवाए गए स्टैंड पोस्ट (टोटी), हैंडपंप व रिबोर हैंडपंप की संख्या व इन पर खर्च रुपयों की जानकारी मांगी थी। जिम्मेदारों ने इसके जवाब में जो जानकारी दिए वह भ्रामक व धन में घाल-मेल साफ नजर आ रहा है। नगर के अंदर जलनिगम 23400 रुपए खर्च कर छह जगहों पर स्टैंड पोस्ट लगाने की बात कह रहा है। लेकिन वार्ड नम्बर चार आजाद नगर (बुधई स्मारक) व वार्ड नम्बर सात सुभाषनगर (ट्रांसफार्मर के पास) के लोकेशन को छोड़ दिया जाए तो शेष चार स्टैंड पोस्ट लोकेशन पर लगे ही नहीं है। 

चार स्टैंड पोस्ट के नाम पर 3900 रुपए प्रति स्टैंड पोस्ट के हिसाब से 15600 रुपए बीच में ही गायब कर दिए गए हैं। दोनों स्टैंड पोस्ट के टोटी गायब हो चुके हैं, जिसका उपयोग अब नहीं रह गया है। विभाग की लापरवाही नए हैंडपंप पर भी साफ दिख रहा है। 136960 रुपए खर्च कर विभाग चार नए हैंडपंप लगवाने की बात कह रहा है लेकिन यह बात केवल कागजों में दिख रहे हैं। वार्ड नम्बर छह शास्त्रीनगर में मदन अग्रहरि के घर का लोकेशन छोड़ दिया जाए तो दो हैंडपंप लगे ही नहीं, जबकि एक हैंडपंप नगर पंचायत से बाहर ग्राम सभा में लगा दिया गया है। प्रति हैंडपंप के नाम पर विभाग ने 34240 रुपए खर्च किए हैं लेकिन तीन हैंडपंप के नाम पर निकाले गए 102,720 रुपए कहां खर्च हुए यह लोगों के जेहन में सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि मदन अग्रहरि के सामने लगा हैंडपंप लगने के तुरंत बाद ही जवाब दे गया। 

वर्तमान समय में विभाग ने हैंडपंप व पाइप भी निकलवा लिया है। इसी तरह विभाग ने नगर के अंदर पांच जगहों पर हैंडपंप रिबोर के नाम पर 145500 रुपए खर्च किए हैं लेकिन वार्ड नम्बर एक शास्त्रीनगर श्यामदेव के लोकेशन को छोड़ दिया जाए तो शेष चार रिबोर हैंडपंप की दशा जस की तस बनीं है। प्रति रिबोर हैंडपंप के नाम पर 29100 रुपए खर्च किए गए, चारों हैंडपंप के नाम पर 116400 रुपए खर्च हुए लेकिन नतीजा जस का तस निकला। 

रिबोर के बाद भी हैंडपंप बालू व गंदा पानी उगल रहे हैं। अब लोगों में सवाल है कि लाखों खर्च के बाद भी स्टैंड पोस्ट व हैंडपंप विभाग के दिए लोकेशन पर नहीं है तो आखिर भुगतान कैसे हो गए। कहीं नगर पंचायत व जलनिगम कर्मचारियों की मिलीभगत तो नहीं शामिल है। नगर के नन्दू गौड़, महबूब खां, राजेश अग्रहरि, रोहित वर्मा, जिम्मी वर्मा ने कहा कि नगर के अंदर मनमर्जी तरीके से काम कराया जा रहा है। 

RTI कार्यकर्ता ने बताया कि जलनिगम से नगर पंचायत में 2014-15 व 2015-16 में कितने कार्य कराए गए हैं, उनकी चैहद्दी एवं खर्च रूपयों की माह वार जानकारी मांगी थी लेकिन विभाग भ्रामक सूचना देकर चुप्पी साध रखा है। जबकि इस संदर्भ में प्रथम अपीलीय अधिकारी व जिलाधिकारी के पत्र के माध्यम से सूचना देने की बात कही गई है बावजूद इसके जल निगम के जिम्मेदार मौन बन बैठे हैं।

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