छोटे शहरों से उड़ान भरेंगे हवाई जहाज

छोटे शहरों से उड़ान भरेंगे हवाई जहाज

नई दिल्ली। अब  छोटे शहरों से हवाई जहाज उड़ान भरेंगे। नई एविएशन पॉलिसी में सरकार की मंशा रीजनल एयर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की है। जिसके तहत 300 बंद हवाईअड्डों का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रत्येक बंद एयरपोर्ट पर करीब 50 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

मोदी सरकार ने नई एविएशन पॉलिसी का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। यह पैसा (50 करोड़ रुपए) खर्च करने के पीछे सरकार का मकसद घरेलू हवाई यात्रा को सस्ता करना है। ड्राफ्ट के मुताबिक रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत उड़ान का खर्च 2500 प्रति घंटे से अधिक नहीं होगा। इस समय कुल 430 हवाई पट्टियां और एयरपोर्ट हैं, जिनमें से करीब 90 ऑपरेशनल हैं। 

इस ड्राफ्ट में डोमेस्टिक ऑपरेटर्स के लिए नियमों में रियायत देने की बात कही गई है। एटीएफ महंगा होने की स्थिति में सरकार मदद करेगी। मदद के लिए केद्र्र 80 फीसदी और राज्य 20 फीसदी खर्च उठाएंगे। रीजनल उड़ान के लिए एटीएफ पर कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी, लेकिन घरेलू सेवा देने वाले ऑपरेटर्स को कम ट्रैफिक वाले इलाकों में भी उड़ान भरनी होगी। इसके अलावा 100 सीट वाले विमान उड़ाने का प्रस्ताव भी ड्राफ्ट में दिया गया है। 

इसके अतिरिक्त सरकार की वर्ष 2022 तक 30 करोड़ लोकल फ्लाइंग टिकट बेचने व घरेलू पैसेंजर की संख्या चार गुनी बढ़ाने की की योजना है। नई पॉलिसी 1 अप्रैल 2016 से लागू होगी। 

भारत में 2 फीसदी से कम लोग ही हवाई यात्रा करते हैं और इस क्षेत्र को और लोगों तक पहुंचाना होगा।

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