चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है स्वास्थ्य केन्द्र

चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है स्वास्थ्य केन्द्रgaonconnection

इटावा। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डॉक्टरों की भारी कमी से जूझ रहा है साथ ही साथ केंद्र में दवाईयां और चिकित्सा उपयोगी वस्तुओं की भी कमी है। यहां तक कि इंजेंक्शन लगाने के लिये सीरिंज भी मरीजों को बाहर से खरीदकर लाना पड़ रहा है।

इटावा जिले के निवासी रमेश यादव (21 वर्ष) बताते है कि ''सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर अधीक्षक के अलावा एक महिला व एक पुरुष डॉक्टर है जबकि एक भी विशेषज्ञ डॉक्टर यहां पर नहीं है। यहां पर एफ आरयू होने के कारण डॉक्टरों की तैनाती यहां पर हमेशा रहनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।''

स्वास्थ्य विभाग यहां के मरीजों की समस्याओं को लगातार नजरंदाज कर रहा है इस स्वास्थ्य केन्द्र पर एक भी वार्ड बॉय तैनात नहीं हैं जबकि उसकी चार पोस्ट यहां खाली है। यही स्थिति यहां पर स्वीपर के पदों की है। मात्र एक स्वीपर कम चौकीदार यहां पर तैनात है। साथ ही साथ काफी दवायें उपकरण व चिकित्सा में काम आने वाली वस्तुओं का भी यहां पर टोटा है। यहां तक कि इंजेक्शन लगाने के लिये सीरिंज भी सीएचसी पर उपलब्ध नहीं है और मरीजों को सीरिंज बाजार से मंगवानी पड़ रही है।

इस स्वास्थय केन्द्र पर प्रसव की संख्या काफी ज्यादा है। औसतन एक दर्जन प्रसव प्रतिदिन स्वास्थ्य केन्द्र पर कराये जा रहे है। इस दौरान कुछ दवाएं व सीरिंज की जरूरत पड़ने पर मरीज के परिजनों को बाजार लेने भागना पड़ रहा है इस कारण उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।

यहां यह स्थिति तब है जब इसको वर्तमान दौर में वीवीआईपी क्षेत्र माना जाता है यह मुख्यमंत्री का गृह क्षेत्र है साथ ही लोक निर्माण मंत्री का गृह निर्वाचन क्षेत्र है नागरिको की इस समस्या पर सही तरीके से ध्यान नही दिया जा रहा है स्वास्थय विभाग नागरिकों की समस्यायों के प्रति कतई गंभीर नही दिख रहा है।इसके अलावा यहां पर सीएचसी के उपर ही मेटरनल एण्ड चाइल्ड हेल्थ विंग बनकर तैयार हो चुकी है उसमें बच्चो की गंभीर स्थिति के लिये एन आई.सी.यू  बन चुका है लेकिन उसके लिये न तो स्टाफ भेजा गया है और न फर्नीचर ही आया है। क्षेत्रीय नागरिकों ने सरकार से मांग की है कि शीघ्र इस सामुदायिक स्वास्थय केन्द्र पर डॉक्टर दवाईयां व अन्य उपकरणों की पूर्ति कराकर यहां चिकित्सा सुविधाएं नियमित व दुरूस्त करायें। 

रिपोर्टर-सूद तैमूरी

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