दौलत छुपाने वालों में अमिताभ का नाम

दौलत छुपाने वालों में अमिताभ का नामgaonconnection

नई दिल्ली। ‘पनामा पेपर्स’ नाम का ऐसा जिन्न सामने आया है जो दुनिया के कुछ सबसे बड़े टैक्स चोरों का नाम सामने लाएगा। आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति और विश्व के कुछ सबसे ताकतवर और मशहूर लोगों के नाम इस सिलसिले में सामने आने वाले हैं। 

इंडियन एक्स्प्रेस अखबार के अनुसार दौलत छुपाने वालों में बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन, उनकी बहू ऐश्वर्या राय बच्चन, डीएलफ के मालिक केपी सिंह और गौतम अडानी के बड़े भाई विनोद अडानी जैसे लोगों के नाम सामने आ रहे हैं। टैक्स छुपाने वालों में 500 से ज्यादा भारतीय भी शामिल हैं। पनामा की लॉ फर्म ‘मोसेक फोंसेका’ की एक करोड़ 10 लाख से ज्यादा बेहद खुफिया दस्तावेज लीक हो गये हैं।

इन दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि कैसे दुनिया के ताकतवर और प्रभावशाली लोग टैक्स हैवन का इस्तेमाल कर अपनी बेशुमार दौलत को छिपाते हैं। टैक्स हैवन में दौलत छुपाने वालों की सूची में विश्व के कुछ सबसे मशहूर नेता, अभिनेता, खिलाड़ी, व्यापार से जुड़ी कई नामचीन हस्तियों के नाम हैं। 

इन दस्तावेजों की जांच 100 से भी ज्यादा मीडिया समूहों ने की है और इसे इतिहास की सबसे बड़ी जांचों में से एक करार दिया जा रहा है। इस जांच में लगभग 140 राजनीतिक हस्तियों की संपत्ति से जुड़ी गुप्त सौदेबाजी को उजागर किया गया। इन राजनीतिक हस्तियों में 12 मौजूदा या पूर्व राष्ट्र प्रमुख शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में ये रिकॉर्ड जर्मन अखबार ‘सुडूशे जीतुंग’ ने एक अज्ञात सूत्र से प्राप्त किए हैं और इसे अंतरराष्ट्रीय खोजी पत्रकार संघ (आईसीआईजे) के जरिए दुनिया भर की मीडिया के साथ साझा कर दिया। आईसीआईजे ने कहा कि इस जांच के तहत विदेशों में स्थित 2.14 लाख प्रतिष्ठानों से 1.15 करोड़ दस्तावेज प्राप्त किए गए। लीक हुए दस्तावेज पनामा की विधि फर्म ‘मोजैक फोंसेका’ से आए। इस फर्म के 35 से भी अधिक देशों में दफ्तर हैं।

चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग और फुटबॉल खिलाड़ी मेस्सी का भी नाम

आईसीआईजे की जांच में जिन लोगों के बारे में मुख्य दावे किए गए हैं, उनमें पुतिन के करीबी सहयोगी शामिल हैं। इन्होंने ‘बैंकों और छद्म कंपनियों के जरिए दो अरब डॉलर का गुप्त घालमेल किया गया।’

आईसीआईजे ने कहा कि इन दस्तावेजों में चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग के परिवार का विदेशी कंपनियों से संबंध सामने आया है। शी खुद अपने देश में कड़ा भ्रष्टाचार रोधी अभियान चला चुके हैं। आइसलैंड में इन दस्तावेजों में प्रधानमंत्री सिगमुंदर डेविड गुनलॉग्सन और उनकी पत्नी द्वारा विदेशी कंपनी का गुप्त स्वामित्व रखने की बात कही गई है। इस कंपनी ने देश के आर्थिक संकट के दौरान लाखों डॉलर आइसलैंडिक बैंक बॉण्डों के रूप में रखे थे। अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी मेस्सी और उसके पिता का पनामा की कंपनी मेगा स्टार एंटरप्राइजेज इंक पर स्वामित्व है। यह एक शेल कंपनी है, जो पिता-पुत्र के कर मामलों की स्पैनिश जांच में सामने नहीं आई थी। फ्रांसटीवीइंफो ने फुटबॉल जगत से यूईएफए के अध्यक्ष माइकल प्लेटिनी को पनामा स्थित कर कंपनी का लाभार्थी बताया है। फ्रांसटीवीइंफो ने हालांकि यह भी कहा है कि किसी अवैध गतिविधि का आरोप नहीं लगाया गया है।

फीफा के आचार-नीति समिति के एक सदस्य जुआन प्रेडो दामियानी की विधि फर्म के उन तीन लोगों के साथ कारोबारी संबंध थे, जिन पर फीफा स्कैंडल में अभियोग लगाया गया था। ये तीन लोग थे- फीफा के पूर्व उपाध्यक्ष ई. फिगुरेडो, ह्यूगो जिंकिस और उनका बेटा मरियानो। इन पर लातिन अमेरिका में फुटबॉल प्रसारण अधिकार हासिल करने के लिए रिश्वत देने का आरोप था। उधर पनामा सरकार ने ‘पनामा पेपर्स’ के आंकड़े लीक होने के मद्देनजर शुरू की जा सकने वाली हर प्रकार की कानूनी जांच में पूरा सहयोग करने का संकल्प लिया है। पनामा सरकार ने एक बयान में कहा, ''पनामा सरकार कोई कानूनी कदम उठाए जाने की स्थिति में हर प्रकार की आवश्यक सहायता या हर प्रकार के अनुरोध में पूरी तरह सहयोग करेगी।''

पनामा लीक: कई विदेशी राष्ट्राध्यक्षों ने छुपाया पैसा

पेरिस (भाषा)। एक करोड़ से अधिक कर दस्तावेजों की भारी लीक ने रुसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सहयोगियों, नवाज शरीफ और बार्सिलोना के खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी समेत कई सितारों की गुप्त सौदेबाजी का पर्दाफाश कर दिया है। इस लिस्ट में इजिप्ट के पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक, सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद, लीबिया के पूर्व लीडर गद्दाफी, पूर्व पाक पीएम बेनजीर भुट्टो और वर्तमान पीएम नवाज शरीफ आदि शामिल हैं। इन दस्तावेजों की जांच 100 से भी ज्यादा मीडिया समूहों ने की है और इसे इतिहास की ऐसी सबसे बड़ी जांचों में से एक करार दिया है। इस जांच में लगभग 140 राजनीतिक हस्तियों की संपत्ति से जुड़ी गुप्त सौदेबाजी को उजागर किया गया। इन राजनीतिक हस्तियों में 12 मौजूदा या पूर्व राष्ट्र प्रमुख शामिल हैं। इतनी बडी संख्या में ये रिकॉर्ड जर्मन अखबार सुडूशे जीतुंग ने एक अज्ञात सूत्र से प्राप्त किए हैं और इसे अंतरराष्ट्रीय खोजी पत्रकार संघ (आईसीआईजे) के जरिए दुनिया भर के मीडिया के साथ साझा कर दिया।

आईसीआईजे ने कहा कि इस जांच के तहत विदेशों में स्थित 2.14 लाख प्रतिष्ठानों से 1.15 करोड दस्तावेज प्राप्त किए गए। इस फर्म के 35 से भी अधिक देशों में दफ्तर हैं। लीक हुए दस्तावेज पनामा की विधि फर्म मोजैक फोंसेका से आए। जिन लोगों के नाम दस्तावेजों की इस भारी लीक में सामने आए हैं, उनपर इसका गंभीर राजनीतिक असर पड़ सकता है। आईसीआईजे की जांच में जिन लोगों के बारे में मुख्य दावे किए गए हैं, उनमें पुतिन के करीबी सहयोगी शामिल हैं। इन्होंने ‘‘बैंकों और छद्म कंपनियों के जरिए दो अरब डॉलर का गुप्त घालमेल किया।’’ हालांकि इन नामों में पुतिन का नाम इसमें शामिल नहीं है।

आईसीआईजे ने कहा कि इन दस्तावेजों में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के परिवार का विदेशी कंपनियों से संबंध सामने आया है। शी खुद अपने देश में कड़ा भ्रष्टाचार रोधी अभियान चला चुके हैं। आइसलैंड में इन दस्तावेजों में प्रधानमंत्री सिगमुंदर डेविड गुनलॉग्सन और उनकी पत्नी द्वारा विदेशी कंपनी का गुप्त स्वामित्व रखने की बात कही गई। इस कंपनी ने देश के आर्थिक संकट के दौरान लाखों डॉलर आइसलैंडिक बैंक बॉण्डों के रूप में रखे थे।

फीफा के आचार-नीति समिति के एक सदस्य जुआन पेड्रो दामियानी की विधिफर्म के उन तीन लोगों के साथ कारोबारी संबंध थे, जिनपर फीफा स्कैंडल में अभियोग लगाया गया था। ये तीन लोग थे- फीफा के पूर्व उपाध्यक्ष ई. फिगुरेडो, ह्यूगो जिंकिस और उनका बेटा मरियानो। इनपर लैटिन अमेरिका में फुटबॉल प्रसारण अधिकार हासिल करने के लिए रिश्वत देने का आरोप था। 

मेस्सी की भी  खुली पोल

अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी मेस्सी और उसके पिता का पनामा की कंपनी मेगा स्टार एंटरप्राइजेज इंक पर स्वामित्व है। यह एक शेल कंपनी है, जो पिता-पुत्र के कर मामलों की स्पैनिश जांच में सामने नहीं आई थी। फ्रांसटीवीइंफो ने फुटबॉल जगत से यूईएफए के अध्यक्ष माइकल प्लेटिनी को पनामा स्थित कर कंपनी का लाभार्थी बताया है। फ्रांसटीवीइंफो ने हालांकि यह भी कहा है कि किसी अवैध गतिविधि का आरोप नहीं लगाया गया है। प्लेटिनी की संचार सेवा ने एएफपी को भेजे गए एक बयान में कहा गया कि ‘‘उसके सभी खातों और संपत्तियों की जानकारी स्विट्जरलैंड के कर अधिकारियों को है।

Tags:    India 
Share it
Share it
Share it
Top