डीएम की घुड़की के बाद काम पर लौटे मनरेगा कर्मचारी

Shrivats AwasthiShrivats Awasthi   19 Feb 2016 5:30 AM GMT

डीएम की घुड़की के बाद काम पर लौटे मनरेगा कर्मचारीgaon connection, गाँव कनेक्शन, manrega

लखनऊ। वेतन विसंगति और मानव संसाधन नीति लागू करने की मांग कर रहे उप्र मनरेगा कार्मिक कल्याण संगठन का धरना प्रदर्शन लक्ष्मण मेला पार्क में जारी है। धरना प्रदर्शन कर रहे संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उधर मनरेगा कर्मियों द्वारा हड़ताल किए जाने से मनरेगा की सुस्त पड़ रही रफ्तार पर कई जिलों में कर्मियों को काम पर लौटने की नसीहत दी गई है। उन्नाव जिले में काम पर न लौटने वाले कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी भी दी गई है। साथ ही मनरेगा कर्मियों की मांग पर संयुक्त आयुक्त ग्राम्य विकास की अध्यक्षता में एक नीति भी बनाकर तैयार कर ली गई है जिसे जल्द ही शासन के पास भेज दिया जाएगा।

यूपी मनरेगा कार्मिक कल्याण संगठन के बैनर तले मनरेगा कर्मी चार फरवरी से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। अपनी मांगों को मनवाने के लिए मनरेगा कर्मियों ने कई जिलों में काम भी ठप्प कर दिया था। मनरेगा कर्मियों द्वारा की गई हड़ताल का असर मनरेगा पर पड़ने लगा था। एमआईएस फीडिंग भी नहीं हो पा रही थी। इस पर कई जिलों में प्रशासन ने मनरेगा कर्मियों से काम पर वापस लौटने की सलाह दी। उन्नाव जिले में डीएम सौम्या अग्रवाल ने मनरेगा कर्मियों से बात कर उन्हें काम पर वापस लौटने को कहा। इसका जब कुछ कर्मियों ने विरोध किया तो डीएम ने एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी। डीएम की चेतावनी के बाद मनरेगा कर्मी काम पर वापस लौट आए। हालांकि मनरेगा कर्मियों का कहना है कि अगर उनके अधिकारों का हनन किया गया तो वह चुप नहीं बैठेंगे।

यूपी मनरेगा कार्मिक कल्याण संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष अनुज कुमार ने बताया कि जब तक उनकी मांगें नहीं मान ली जाती तब तक लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि नीति के गठन के लिए उन्हें एक हफ्ते का समय दिया गया था। समय पूरा हो चुका है, इसलिए वह अपर आयुक्त मनरेगा से मुलाकात करेंगे और नीति के बारे में चर्चा करेंगे।

अपर आयुक्त मनरेगा पिंकी जोवल ने बताया कि प्रदेश में मनरेगा कर्मी अब हड़ताल पर नहीं हैं। सभी जिलों में ठीक तरह से काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि मनरेगा कर्मियों की मांग पर संयुक्त ग्राम्य विकास की अध्यक्षता में एक समिति का गठन कर नीति बनाने के निर्देश दिए गए थे। नीति बना ली गई है, जल्द ही उसे शासन के पास भेज दिया जाएगा।

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