Deepak Acharya

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  • टमाटर सिर्फ सलाद नहीं, औषधि भी है

    टमाटर सिर्फ सलाद नहीं, औषधि भी हैटमाटरों का इस्तेमाल अक्सर सब्जियों के बनाने के दौरान और बतौर सलाद होता है लेकिन इस बात को बहुत कम लोग जानते हैं कि इसके कई औषधीय गुण भी हैं। टमाटर का चटक लाल रंग मुझे बहुत भाता है और इसे कच्चा चबाना मुझे बेहद पसंद भी है।मध्य भारत की यात्रा के दौरान एक बार मेरी...

  • खरपतवारों के भी हैं औषधीय गुण

    लखनऊ। खेत-खलिहानों में खरपतवार अक्सर किसान भाइयों के लिए मुसीबत बनकर आते हैं और इन खरपतवारों को खत्म करने के लिए किसान भाई कई तरह की युक्तियों को अपनाते हैं। खरपतवार शब्द सुनकर ही ऐसा प्रतीत होता है मानों ये खरपतवार सिवाए नुकसान के कुछ और काम नहीं कर सकते लेकिन आश्चर्य की बात है कि आदिवासी...

  • सब्जी के अलावा कमाल की औषधि भी है आलू

    आलू दुनिया भर में अनाज के बाद भोजन के रूप में इस्तमाल किए जाने वाला सबसे अहम खाद्य पदार्थ है। वैसे तो आलू दक्षिणी अमेरिका के बोलिविया के एंडियन पर्वत और पेरू में लगभग 6000 वर्षों से पारंपरिक तौर से उगाया जा रहा है। भारत देश में भी आलू की खेती को लेकर एक लंबा इतिहास है। आलू के कंद ऊर्जा और पोषक...

  • गज़ब का हैंडवाश है नीम : हर्बल आचार्य

    नीम के बहुआयामी उपयोगों को देखते हुए इसे 'ट्री ऑफ मिलेनियम' घोषित किया गया है। इस संपूर्ण पेड़ के तमाम अंग विभिन्न तरह के औषधीय उपयोगों के लिए इस्तेमाल में लाए जाते हैं। चाहे अनाज संग्रहण की बात हो या फसलों पर होने वाले कीटों के आक्रमण की, नीम का इस्तेमाल सदियों से बतौर कीट विकर्षक किया जाता रहा...

  • औषधीय गुणों से भरपूर हैं ये पेड़ (भाग- 2)

    बहेड़ा: बहेड़ा मध्य भारत के जंगलों में प्रचूरता से उगने वाला एक पेड़ है जो बहुत ऊँचा, फैला हुआ और लंबे आकार का होता हैं। इसके पेड़ 18 से 30 मीटर तक ऊंचे होते हैं। बहेड़ा का वानस्पतिक नाम टर्मिनेलिया बेलिरिका है। पुरानी खाँसी में 100 ग्राम बहेड़़ा के फलों के छिलके लें, उन्हें धीमी आँच में तवे पर भून...

  • कैंसर नियंत्रण में कारगर हो सकते हैं सेब और अमरूद

    सेब एक ऐसा फल है जिसे ब्रिटिशर्स हमारे देश में लेकर आए थे और अमरूद हमारा अपना देसी फल है। इन दोनों फलों की खासियत ये है कि आज विश्व की अनेक अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में इनके कैंसररोधि गुणों पर शोध चल रही है। सेब और अमरूद दोनो फलों को रोगियों के फल कहा जाता है यानी इनमें रोगों को खत्म कर देनी की...

  • औषधीय गुणों से भरपूर हैं ये पेड़ (भाग एक)

    आदिवासी मान्यताओं के अनुसार संसार में पाए जाने वाले हर एक पेड़-पौधे में कोई ना कोई औषधीय गुण जरूर होता है, ये बात अलग है कि औषधि विज्ञान के अत्याधुनिक हो जाने के बावजूद भी हजारों पेड़-पौधे ऐसे हैं, जिनके औषधीय गुणों की जानकारी किसी को नहीं। सामान्यत: यह मानना है कि छोटी शाक या जड़ी-बूटियों में ही...

  • गंजेपन और चेहरे के दाग धब्बों से छुटकारा दिलाएंगी बरगद की जड़ें : हर्बल आचार्य

    बरगद एक विशालकाय वृक्ष होता है जो आमतौर पर गांव देहातों, सड़कों के किनारे और उद्यानों में देखा जा सकता है। इसकी बड़ी-बड़ी शाखाओं से निकली, हवा में लटकती- तैरती जटाएं दूर से देखने पर काफी मनमोहक दिखाई देती हैं। आमतौर पर जड़ों का कार्य जल का अवशोषण होता है लेकिन बरगद में जड़ें रूपांतरित होकर भारी...

  • बरसात की बीमारियां: डायरिया और डेंगू से रहें सचेत

    बारिश हमेशा खुशहाली का पैगाम लेकर आती है, बारिश जहाँ एक ओर हरियाली और सुंदरता लेकर आती है, दूसरी तरफ यही बारिश बीमारियों की झड़ी लगा जाती है। हर तरफ पानी का जमाव, दूषित पेयजल और कीट पतंगों की भरमार कई तरह की बीमारियों को खुला निमंत्रण देते दिखायी देते हैं। ऐसे में हम सब के लिए जरूरी हो जाता है कि...

  • "आलू करता है मोटापा दूर.." कैसे??

    ज्यादातर लोग आलू खाने से संकोच सिर्फ इसलिए करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि आलू उनका वजन बढ़ा देगा या आलू के खाने के बाद शरीर में शर्करा की मात्रा बढ़ जाएगी और कई तरह की सेहत से जुड़ी समस्याएं उन्हें घेरने लगेंगी। लेकिन, आधुनिक विज्ञान की शोधों पर नज़र डाली जाए तो आपको जानकारी मिलेगी कि आलू वजन...

  • फसल कटाई, मौज़ मस्ती और सेहत के रखरखाव का पारंपरिक त्यौहार है मकर संक्रांति

    भारतीय वनांचलों में रह रहे आदिवासियों की सदियों पुरानी परंपराओं और सामाजिक कार्यक्रमों में त्यौहारों का बेहद महत्व माना जाता है। वनवासियों ने प्रकृति को हमेशा देवतुल्य माना है। चाहे पेड़-पौधे हों या ब्रम्हाण्ड, इसके हर एक अंग को किसी ना किसी तरह अपनी आस्थाओं से जोड़कर वनवासियों ने प्रकृति को सदैव...

  • मकर संक्रांति खास है, वनवासियों के लिए

    भारतीय वनांचलों में रह रहे आदिवासियों की सदियों पुरानी परंपराओं और सामाजिक कार्यक्रमों में त्यौहारों का बेहद महत्व माना जाता है। वनवासियों ने प्रकृति को हमेशा से देवतुल्य माना है। चाहे पेड़-पौधे हों या ब्रम्हाण्ड, इसके हर एक अंग को किसी ना किसी तरह अपनी आस्थाओं से जोड़कर वनवासियों ने प्रकृति को सदैव...

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