कार, बाइक खरीदने के लिए अब नहीं मिलेगा दफ्तर से एडवांस 

Ashish DeepAshish Deep   9 Oct 2016 8:38 PM GMT

कार, बाइक खरीदने के लिए अब नहीं मिलेगा दफ्तर से एडवांस प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली। केंद्र ने केंद्रीय कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का तोहफा तो दिया है पर ब्याज मुक्त एडवांस की सात सुविधाएं खत्म कर दी हैं। वित्त मंत्रालय का कहना है कि साइकिल खरीदने, त्योहार मनाने और प्राकृतिक आपदाओं पर एडवांस की सुविधा सातवें वेतन आयोग में नहीं दी गई है। यही नहीं कार या मोटरसाइकिल खरीदने के लिए भी अब एडवांस नहीं मिलेगा।

इसके अलावा ट्रांसफर, लीव सैलरी, कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ दूरस्थ शिक्षा के जरिए हिन्दी की पढ़ाई करने के लिए एडवांस लेने की सुविधा खत्म कर दी गई है। बस इलाज, पारिवारिक सदस्य की मौत के वक्त यात्रा, यात्रा भत्ता या एलटीसी पर एडवांस की सुविधा जारी रहेगी। हालांकि सरकारी स्टाफ पर्सनल कम्प्यूटर खरीदने के लिए 50 हजार रुपए तक एडवांस ले सकेंगे। यह पूरी सेवा के दौरान पांच बार लिया जा सकेगा। सातवें वेतन आयोग के आने के बाद सरकार ने करीब एक करोड़ सरकारी कर्मचारियों की बेसिक तनख्वाह ढाई गुना तक बढ़ा दी है। यह पहली जनवरी 2016 से प्रभावी है।

नई पेंशन योजना के खिलाफ जनहित याचिका पर नोटिस

अहमदाबाद (भाषा)। बाजार से जुडी नई पेंशन योजना (एनपीएस) की वैधता को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर गुजरात उच्च न्यायालय ने केंद्र और राज्य सरकारों को नोटिस जारी किये हैं। यह योजना एक जनवरी, 2004 को या इसके बाद सरकारी सेवा में शामिल होने वाले कर्मचारियों के लिए है।

याचिकाकर्ता और इसरो के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक प्रणव देसाई ने अपनी याचिका में कहा कि बाजार से जुड़ी नई पेंशन योजना में पेंशन के बजाय केवल एनुइटी और ग्रेचुइटी का प्रावधान है और कर्मचारी के निधन के बाद उसके परिवार के सदस्यों के लिए इसमें कोई सुरक्षा नहीं है। दूसरी तरफ पुरानी पेंशन योजना अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत, फ्लोर पेंशन, सेवानिवृत्त कर्मचारी के निधन के बाद पारिवारिक पेंशन, चिकित्सा लाभ और मृत्यु पर ग्रेचुइटी प्रदान करती है।'' आरोप है कि एनपीएस को अनिवार्य रूप से लागू करना संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है।

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