केजरीवाल के बयान को गलत तरह से पेश कर रहे हैं BJP और मीडिया: सिसोदिया

केजरीवाल के बयान को गलत तरह से पेश कर रहे हैं BJP और मीडिया: सिसोदियाकेजरीवाल के बयान को गलत तरह से पेश कर रहे हैं BJP और मीडिया: सिसोदिया

पणजी (भाषा)। AAP नेता मनीष सिसोदिया ने बुद्धवार को आरोप लगाया कि BJP और मीडिया ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बयान में वह शब्द जोड़े, जो उन्होंने नियंत्रण रेखा के पार सेना द्वारा किये गये लक्षित हमले (सर्जिकल स्ट्राइक) के मुद्दे पर कभी बोले ही नहीं।

केजरीवाल के एक वीडियो संदेश का हवाला देते हुए सिसोदिया ने गोवा में संवाददाताओं से कहा कि आप संयोजक ने कभी ‘सबूत' शब्द नहीं बोला, बल्कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अभियान की प्रमाणिकता को लेकर पाकिस्तान द्वारा उठाए सवाल को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया द्वारा चलाए जा रहे दुष्प्रचार का जवाब देने के लिए कहा था।

केजरीवाल ने सोमवार को एक वीडियो संदेश जारी किया था, जिसमें उन्होंने सीमा पार लक्षित हमला करने के लिए प्रधानमंत्री को सलाम करते हुए उनसे पाकिस्तान के दुष्प्रचार को बेनकाब करने का आग्रह किया था। हालांकि BJP ने मंगलवार को कहा कि उनका बयान सैन्य कार्रवाई के संबंध में साक्ष्य मांगने जैसा है। वहीं APP ने जवाबी हमला करते हुए कहा कि विरोधी दल इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है।

सिसोदिया ने कहा, ‘‘हम लोगों ने सिर्फ यह मांग की है कि प्रधानमंत्री को लक्षित हमलों की प्रमाणिकता को लेकर पाकिस्तान की ओर से अंतरराष्ट्रीय मीडिया द्वारा किये जा रहे दुष्प्रचार का माकूल जवाब देना चाहिए। BJP और मीडिया ने सबूत शब्द जोड़ा है, जो फुटेज में नहीं है।''

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा, ‘‘केजरीवाल की वीडियो फुटेज देखने वाले लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं। वीडियो देखने वालों ने कहा कहा कि यह सही है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मीडिया लक्षित हमलों का मजाक उडा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुष्प्रचार किया जा रहा है।'' उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों ने जिस प्रकार बहादुरी के साथ नियंत्रण रेखा के पार जाकर आतंकियों का खात्मा किया, उसी तरह भारत सरकार को दुष्प्रचार का जवाब देना चाहिए।

सिसोदिया ने आरोप लगाया, ‘‘पूरी फुटेज में ‘वीडियो' और ‘सबूत' जैसे शब्द कहां हैं? वे लोग अपने से इस शब्द को जोड़ रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि दिल्ली, गोवा जैसे स्थान और पूरा भारत सैनिकों की वजह से सुरक्षित हैं, जो सीमा पर हर तरह की मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।

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