एमू लाएगा यूपी में खुशहाली 

Ashwani NigamAshwani Nigam   7 Oct 2016 6:30 PM GMT

एमू लाएगा यूपी में खुशहाली Emu

लखनऊ। अब उत्तर प्रदेश के वेटेनरी स्टूडेंट्स को ऑस्ट्रेलियन पक्षी एमू पर रिसर्च करने के लिए महाराष्ट्र और कनार्टक जैसे दूसरे स्टेट में नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें अपने राज्य में एमू मिल जाएगा। राज्य में एमू ब्रीडिंग फर्म को दोबारा बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश में फिर से काम शुरू हो गया है।

कमियों को दूर कर एक बार फिर हुई शुरुआत

उत्तर प्रदेश पुशधन परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. बलदेव सिंह यादव ने बताया कि पांच साल पहले यूपी में एमू पालन की शुरूआत की गई थी। इसके लिए नाबार्ड ने किसानों को लोन और सब्सिडी भी देना शुरू किया था। उत्तर प्रदेश में झांसी में सबसे पहले एमू ब्रीडिंग फार्म की शुरुआत की गई थी। इसके बाद लखनऊ से लेकर सीतापुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान एमू पालन की शुरूआत किए थे। लेकिन कुछ कमियों की वजह से किसानों केा इसमें घाटा लगा था। उसके बाद एमू पालन से किसान दूर होने लगे थे, लेकिन अब एक बार फिर से कमियों को दूर करते हुए एमू ब्रीडिंग फार्म की शुरूआत की गई है। बख्शी तालाब के आसपास के गांवों के किसानों ने एमू ब्रीडिंग का काम शुरू भी कर दिया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिर बढ़ी डिमांड

एमू पक्षी की उपयोगिता, रोग प्रतिरोधक क्षमता, किसी भी तापमान और परिस्थिति में इसके बढ़ने की क्षमता के कारण एमू पालन का बिजनेस फिर तेजी से फैल रहा है। तीन साल पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी डिमांड घट गई थी। साथी ही यूपी में एमू पालन कर रहे किसानों को इसके अंडे ओर मांस बेचने का सही बाजार नहीं मिल पा रहा था, जिससे किसानों को घाटा लगा था। लेकिन अब इसकी डिमांड फिर से बढ़ी है। यूपी के बुलंदशहर में पांच साल पहले एमू फार्म चला रहे रमेश चौहान ने बताया कि शुरूआत में एमू का अंडा और मांस बेचना आसान नहीं था।

अब बदल चुकी है स्थिति

दिल्ली में कुंछ जगहों पर ही इसकी डिमांड थी। स्थानीय व्यापारियों के भरोसे रहना पड़ता था। लेकिन अब स्थिति बदल गई है। उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग के अधिकारियों की मानें तो आज पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में लगभग 350 करोड़ रुपए एमू फार्मो में निवेश का अनुमान लगाया गया है।

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किसानों का फिर से बढ़ा एमू पालन के प्रति झुकाव

देश के दक्षिण भारतीय राज्यों में एमू पालन करके किसान समृद्ध् हो रहे हैं। लेकिन उत्तर भारत में कुछ साल पहले जब किसानों ने एमू पालन की शुरूआत की तो जानकारी के अभाव में उनको नुकसान उठाना पड़ा। लेकिन अब उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग और पशुधन परिषद एक बार फिर से एमू पालन को बढ़ावा देने के लिए काम करना शुरू किया है।

व्यापार के लिए अच्छा विकल्प

एमू को सोना का अंडा देने वाला पक्षी कहा जाता है। एमू का एक अंडा आधा किलो से अधिक होता है। इसके एक अंडे की कीमत एक हजार रुपए होती है। एक मादा एमू एक साल में अधिकतम 60 अंडे देती है। इस तरह एक साल में लगभग 60 एमू पक्षी तैयार हो जाता है। इसलिए एमू पालन बिजनेस के लिहाज से अच्छा ऑप्शन है। इसकी चर्बी से तेल बनाया जाता है, जो मार्केट में बाजार में तीन हजार से लेकर पांच हजार रुपए प्रति लीटर बिकता है। कॉस्मेटिक्स में इसके तेल का यूज किया जाता है। इसका चमड़ा भी काफी कीमती है, जिसकी इंटरनेशनल मॉर्केट में काफी डिमांड है। यह एक ऐसा पक्षी है जिसका हर एक अंग कीमती होता है और जिसकी काफी डिमांड है। एमू के ऑर्गन से दवाएं भी बनाई जाती हैं।

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