अम्मा का राजकाज संभाल रहीं शीला

vineet bajpaivineet bajpai   5 Oct 2016 5:08 PM GMT

अम्मा का राजकाज संभाल रहीं शीलाअम्मा का राजकाज संभाल रहीं शीला

चेन्नई । तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता तबीयत खराब होने के कारण अपोलो में भर्ती हैं लेकिन उनका राजकाज ढंग से चल रहा है। सीएमओ की ब्रीफिंग, कैबिनेट बैठक, महत्वपूर्ण मुद्दों पर नेताओं-अफसरों से विचार विमर्श आदि समय पर चल रहा है।

कारण अम्मा की सभी जिम्मेदारियां संभाल रही हैं राज्य की तेजतर्रार रिटायर आईएएस शीला बालकृष्णन। मंत्री से लेकर अफसरशाही तक शीला के कुशल नेतृत्व के कायल हैं और हो भी क्यों न अम्मा तक शीला के काम से खासी प्रभावित रही हैं।

शासन के एक बड़े अफसर के मुताबिक अम्मा की गैरमौजूदगी में मंत्री तक शीला के कहे पर चल रहे हैं। कोई उफ तक नहीं कर सकता। क्योंकि शीला की काबिलयत और दूरंदेशी पर अम्मा को अटूट भरोसा है। आखिर कौन हैं शीला बालाकृष्णन। वह अम्मा के इतना करीब कैसे पहुंची। अम्मा ने उनमें ऐसा क्या देखा जो वह उनकी काबिलियत की कायल हो गईं और अपनी अनुपस्थिति में अपना राजकाज उन्हें सौंप गईं। इस सवाल का जवाब शासन में किसी के पास नहीं है।

अम्मा को अस्पताल में भर्ती हुए 10 दिन से ज्यादा हो गए हैं। शासन से जुड़े जानकार बताते हैं कि अम्मा अपने कामकाज के ढंग को चुनिंदा लोगों से ही साझा करती हैं। चाहे वह मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी हो या अन्नाद्रमुक प्रमुख की भूमिका। यहां तक कि अम्मा की तबीयत को क्या हुआ। उन्हें क्या असुविधा है। इस बारे में तक सब कुछ गुप्त रखा गया है।

दिलचस्प है कि मद्रास हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल हुई जिसमें कोर्ट ने जानकारी मांगी है कि आखिर अम्मा यानि मुख्यमंत्री जयललिता को हुआ क्या है। इस पर तमिलनाडु प्रशासन से दो दिन में जवाब मांगा गया है। याचिका दाखिल करने वाला अम्मा को कोई प्रशंसक ही है।

अपोलो अस्पताल के चक्कर काटने वाले अफसर सिर्फ इतना बताते हैं कि वह वहां दो वजहों से जाते हैं, एक तो अम्मा का हाल जानने और दूसरे शीला मैडम से दिशा-निर्देश प्राप्त करने कि फलां फाइल का क्या करना है।

1976 बैच की आईएएस शीला केरल के तिरुवनंतपुरम की रहने वाली हैं। बताया जाता है कि जहां अम्मा भर्ती हैं शीला उसके बगल के कक्ष में ठहरी हुई हैं। उसी मंजिल पर एक कमरे में अम्मा की पुरानी सहयोगी शशिकला को मिला हुआ है, जो अम्मा के साथ लंबे समय से हैं। लेकिन राज्य के मुख्य सचिव हों या डीजीपी, वे शीला से ही शासन के मामलों में राय-बात कर रहे हैं।

शीला बालाकृष्णन सन 2014 में रिटायर हुईं। उसके बाद उनकी नियुक्ति मुख्यमंत्री की सलाहकार के रूप में हुई। शीला के सामने अम्मा के पुराने सहयोगी ओ पनीरसेल्वम की भूमिका भी नगण्य है। पनीरसेल्वम अम्मा के सीएम पद से हटने पर मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं।

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