भारत अब भी विशिष्ट सामरिक साझेदार : पुतिन 

भारत अब भी विशिष्ट सामरिक साझेदार : पुतिन गोवा में शनिवार से शुरू हो रहे ब्रिक्‍स सम्‍मेलन के लिए रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन आज शुक्रवार को गोवा पहुंचेंगे।

मास्को (आईएएनएस)| रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को कहा कि रूस अब भी अपने विशिष्ट सामरिक साझेदार देश भारत को उन्नत हथियारों और रक्षा प्रौद्योगिकी की आपूर्ति करने वाला अग्रणी देश बना हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस और अन्य ब्रिक्स देश आतंकवाद रोधी अभियान में भारत का पुरोजर समर्थन करते हैं।गोवा में शनिवार से शुरू हो रहे ब्रिक्‍स सम्‍मेलन के लिए रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन शुक्रवार को गोवा पहुंचेंगे।

पुतिन ने एक विशेष साक्षात्कार में कहा, "दोनों देश सैन्य प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सक्रिय रूप से सहभागी हैं। रूस उन्नत हथियारों एवं सैन्य उपकरणों की सीधी आपूर्ति और भारत के साथ संयुक्त अनुसंधानों और सैन्य उद्देश्यों से सामनों के उत्पादन के संदर्भो में अग्रणी बना हुआ है।"

पुतिन ने कहा, "ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का निर्माण और पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान का विकास सफल संयुक्त परियोजनाएं हैं।"

पुतिन आज गोवा में होने वाले पांच देशों के ब्रिक्स सम्मेलन में शिरकत करेंगे।

उन्होंने कहा कि भारत में कई रूसी परियोजनाओं का न सिर्फ व्यावसायिक महत्व है, बल्कि ये दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण सामाजिक व आर्थिक भूमिका अदा करती हैं। पुतिन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'मेक इन इंडिया' पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह की परियोजनाएं नए 'भारतीय औद्योगीकरण कार्यक्रम' में फिट बैठती हैं।

पुतिन ने आईएएनएस और रूस की समाचार एजेंसी स्पूतनिक द्वारा संयुक्त रूप से ईमेल के जरिेए भेजे गए सवालों के जवाब में कहा, "रूसी कंपनियों को भारतीय बाजार में वास्तविक संभावनाएं दिखती हैं।"

उन्होंने भारत को रूस का विशिष्ट सामरिक साझेदार करार देते हुए कहा, "दोनों देशों के बीच सहयोग सभी क्षेत्रों में सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह मित्रता, विश्वास और आपसी सम्मान पर आधारित है।"

पुतिन की यह टिप्पणी उस अवधारणा पर आई है, जिसके अनुरूप भारत ने हथियारों की खरीद को लेकर अमेरिका व अन्य पश्चिमी देशों के साथ संबंध मजबूत करते हुए अपने सैन्य कूटनीतिक संबंधों में रणनीतिक बदलाव किया है।

रूस पारंपरिक रूप से भारत को सबसे अधिक हथियारों की आपूर्ति कराने वाला देश रहा है, लेकिन कुछ रूसी परियोजनाओं की लागत अधिक होने की वजह से दोनों देशों के संबंधों में तनाव पैदा हुआ।

भारत ने रूस से जताई चिंता

भारत ने रूस द्वारा पाकिस्तान को एमआई-35 हेलीकॉप्टर और चीन तथा पाकिस्तान द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित हल्के लड़ाकू विमान जेएफ-17 के इंजन की आपूर्ति के फैसले पर भी चिंता जताई है।

रूस ने हाल ही में पाकिस्तान के साथ संयुक्त सैन्याभ्यास भी किया, वह भी ऐसे समय में जबकि भारत आतंकवाद को बढ़ावा देने को लेकर पाकिस्तान को अलग-थलग करने के प्रयास में जुटा हुआ था। भारत ने इस संयुक्त सैन्याभ्यास का विरोध किया था।

ब्रिक्स संघ आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग के लिए प्रतिबद्ध : पुतिन

पुतिन ने आतकंवाद पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि ब्रिक्स संघ आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।

पुतिन ने कहा, "गोवा में पांचों ब्रिक्स देशों के पास इस अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने का सुनहरा अवसर होगा। हम आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सहयोग के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

ब्रिक्स में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका हैं और ये देश आपसी संघर्षो को सुलझाने तथा अंतर्राष्ट्रीय सूचना सुरक्षा सुनिश्चित करने में योगदान देंगे।
व्लादिमीर पुतिन राष्ट्रपति रूस

गोवा में दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन शनिवार से शुरू हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम से इतर पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी कर सकते हैं। मोदी, पुतिन के साथ पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा भी उठा सकते हैं।

पुतिन को ये प्रश्न पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में भारत द्वारा 28 सितंबर की रात किए गए 'सर्जिकल स्ट्राइक्स' से पहले ईमेल किए गए थे।


Share it
Top