श्रीनगर में संघर्ष में 12 लोग घायल 

श्रीनगर में संघर्ष में 12 लोग घायल प्रतीकात्मक फोटो

श्रीनगर (भाषा)। विरोध प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच ताजा संघर्ष में शनिवार को कम से कम 12 लोग घायल हो गए। शहर के ईदगाह इलाके में कथित रुप से जहर देने के कारण 16 साल के एक लड़के के मारे जाने के बाद संघर्ष शुरु हुए। ईदगाह इलाके के कैसर सोफी की शनिवार सुबह एक अस्पताल में मौत हो गयी।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि उसे सपुर्दे खाक किए जाने के बाद कुछ युवकों ने सुरक्षाबलों पर पथराव किया, जिसके बाद विधि प्रवर्तन एजेंसियों ने ताकत का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि 12 लोग घायल हो गए जिनमें से छह छर्रे लगने से घायल हो गए। अधिकारी ने बताया कि सोफी 25 अक्तूबर को लापता हुआ था और छह दिन बाद शहर के शालीमार इलाके में उसे बेहोशी की हालत में पाया गया।

हालांकि इलाके में रहने वाले लोगों का आरोप है कि सुरक्षाबलों ने सोफी को बलपूर्वक कोई विषैली चीज खिलायी थी। अलगाववादियों द्वारा प्रायोजित हडताल के कारण घाटी में दूसरी जगहों पर लगातार 120वें दिन आम जनजीवन प्रभावित रहा। अधिकारी ने कहा कि जहां कश्मीर में अधिकतर दुकानें, व्यवसायिक प्रतिष्ठान एवं पेट्रोल पम्प बंद थे, वहीं शहर के सिविल लाइंस क्षेत्र के कुछ इलाके और बाहरी इलाके में कुछ खुले थे। उन्होंने कहा कि अधिकतर सार्वजनिक परिवहन सेवाएं सड़कों से नदारद रहीं लेकिन शहर के कुछ इलाकों सहित घाटी की कुछ जगहों पर ऑटोरिक्शा और टैक्सियां चलती रहीं।

आठ जुलाई को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से अलगाववादी कश्मीर में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं और साप्ताहिक विरोध प्रदर्शन के कार्यक्रम जारी कर रहे हैं। उन्होंने हड़ताल दस नवंबर तक के लिए बढ़ा दी है। अधिकारी ने कहा कि हालांकि कश्मीर में किसी भी जगह पर लोगों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं लगी है, पूरी घाटी में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत लोगों के जमा होने पर रोक लगी हुई है।

उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और साथ ही लोगों में बिना किसी भय के अपने रोजमर्रा के काम करने को लेकर सुरक्षा की भावना भरने की खातिर ऐहतियाती उपाय के तौर पर संवेदनशील जगहों और मुख्य सड़कों पर भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं। घाटी में जारी अशांति के कारण अब तक दो पुलिसकर्मियों सहित 85 लोग मारे गए हैं और हजारों अन्य घायल हो गए हैं। संघर्षों में करीब 5,000 सुरक्षाबल कर्मी भी घायल हुए हैं।

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