सिर्फ चार महीने में 65,250 करोड़ रुपए के कालेधन का हुआ खुलासा: जेटली

सिर्फ चार महीने में 65,250 करोड़ रुपए के कालेधन का हुआ खुलासा: जेटलीनई दिल्ली में वित्त मंत्री अरूण जेटली एक कार्यक्रम।

नई दिल्ली (भाषा)। देश के भीतर रखे कालेधन को कर दायरे में लाने के लिए शुरू की गई आय घोषणा योजना (आईडीएस) के तहत कुल 65,250 करोड़ रुपए की संपत्ति की घोषणा की गई। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने शनिवार को यह जानकारी दी। योजना चार माह के लिए खुली थी जो कि 30 सितंबर को समाप्त हो गई।

योजना के तहत कुल 64,275 घोषणाएं

जेटली ने बताया कि योजना के तहत कुल 64,275 घोषणाएं की गई। उन्होंने कहा जैसे-जैसे ऑनलाइन और दस्तावेज के तौर पर जमा की गई जानकारी को संकलित किया जाएगा कुल राशि का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। इन घोषणाओं में कुल 65,250 करोड़ रुपए की संपत्ति की जानकारी दी गई है। इसमें कर और जुर्माने के तौर पर सरकार को 45 प्रतिशत राशि मिलेगी।

योजना के तहत जुर्माना चुकाकर पाक साफ करने का दिया मौका

सरकार ने इस योजना के जरिए अवैध आय और संपत्ति रखने वालों को इसकी घोषणा करने के बाद कर और जुर्माना चुकाकर पाक साफ होने का मौका दिया है। जेटली ने इस बात को दोहराया कि यह एकबारगी घोषणा योजना 1997 की योजना की तरह आम माफी योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि 1997 में घोषित स्वैच्छिक आय घोषणा योजना (वीडीआईएस) में केवल 9,760 करोड़ रुपए का कर मिला। इसमें औसतन प्रति व्यक्ति सात लाख रुपए की घोषणा की गई थी। वित्त मंत्री ने कहा कि आईडीएस 2016 के तहत मिलने वाले कर को भारत की संचित निधि में रखा जाएगा और इसका इस्तेमाल जन कल्याण की योजनाओं में किया जाएगा।

कालाधन पर लोगों सकारात्मक प्रतिक्रिया से भाजपा उत्साहित

घोषणाओं से उत्साहित भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा कि यह प्रधानमंत्री के शब्दों का ही प्रभाव है कि उनके आह्वान के बाद 65 हजार 250 करोड़ रुपए का कालाधन सामने आया जो मोदी सरकार के निर्णायक नेतृत्व पर मुहर लगाता है। उन्होंने कहा कि इस बारे में पहले कई तरह के संशय उठाए गए लेकिन जब प्रधानमंत्री ने कालाधन पर आह्वान किया तब लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की। मोदी सरकार की दृष्टि देश को आगे बढ़ाने की है और पूरी व्यवस्था को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की प्रतिबद्धता है।

भाजपा नेता ने कहा कि इससे पहले भी मोदीजी की निर्णायक सरकार को लोगों ने स्वीकार किया था जब मुक्त भाव से एलपीजी पर सब्सिडी छोड़ दी और जनधन योजना को भी अंगीकार किया। अब कालाधन पर भी लोगों की प्रतिक्रिया काफी सकारात्मक रही है। यह मोदी सरकार के निर्णायक नेतृत्व पर मुहर लगाता है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार हर गरीब के बच्चे को शिक्षा एवं चिकित्सा प्रदान करने और गरीबों के आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ रही है और इसके परिणाम सामने आ रहे हैं।

Share it
Top