दो अक्टूबर बीत गया लेकिन नहीं हुई सफाई 

दो अक्टूबर बीत गया लेकिन नहीं हुई सफाई गोमतीनगर स्थित बड़ी जुगौली प्राथमिक विद्यालय के बाहर लगा कूड़े का ढेर। फोटो- महेंद्र पांडेय

लखनऊ। दो साल पहले दो अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की थी। रविवार को इस अभियान की पहली वर्षगांठ थी। इस दिन भी बड़ी संख्या में उपस्थित होकर नेताओं, सरकारी कर्मचारियों, स्वंयसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से लेकर आम लोगों ने स्वच्छता अभियान पर बड़ी-बड़ी बातें की।

ऐसे में इसके एक दिन बाद ही गांव कनेक्शन की टीम ने लखनऊ शहर के पॉश कॉलिनियों में स्थित सरकारी प्राइमरी स्कूलों में स्वच्छता और साफ-सफाई का रियलिटी चेक करने के लिए निकली। वहां पर जो दिखा वह एक नागिरक के तोर पर आपको शर्म से झुका देगा। आपके आलीशान घरों के पीछे चल रहे सरकारी स्कूलों में किस नरकीय स्थित में बच्चे कूड़-कचरे के बीच स्कूल में पढ़ने आते हैं आप कल्पना नहीं कर सकते हैं। आपने कभी यह जानने और देखने की जहमत भी नहीं उठाई। चलिए हम आपको हकीकत से रूबरू कराते हैं।

पूर्व माध्यमिक विद्यालय उजरियांव के बाहर फैली गंदगी। फोटो- महेंद्र पांडेय
पूर्व माध्यिम विद्यालय उजरियांव, गोमतीनगर में क्लासरूम में ही बना दिया रसोईघर। फोटो- महेंद्र पांडेय

गोमती नगर विशाल खंड-एक के लोहिया पार्क के सामने आधे मील की दूरी पाश काॅलाेनियों के बीचो-बीच एक छोटा सी बस्ती है उजरियांव और यहीं पर एक कूड़े-कचरे के मैदान में स्थित है पूर्व माध्यिम विद्यालय उजरियांव। स्कूल में पूरे कैंपस में वर्षों से कूड़ा-कचरा फेंका जा रहा है। इस कैंपस में आसपास की बस्तियों के बच्चे शौच करते हैं। स्थित यह है कि यहां पर पढ़ने वाले बच्चे हर दिन बीमार पड़ जाते हैं जिसके कारण अभिभावक उनको यहां भेजने से डरते हैं। सोमवार को गाँव कनेक्शन की टीम ने जब दोपहर 12 बजे यहां का जायजा लिया तो पाया कि स्कूल के कैंपस में ही पास की बस्तियों के बच्चे शौच कर रहे थे। स्कूल में चारों-तरफ कूड़े कचरे का अंबार फैला हुआ था। स्कूल से बच्चे नदारद थे जबकि स्कूल की छुट्टी होने में में अभी एक घंटा बाकी था। स्कूल की प्रिंसिपल ने बताया कि आसपास की बस्तियों के लोग यहां पर कूड़ा-कचरा फेंक रहे हैं। मना करने पर झगड़े पर उतारू हो जाते हैं।

इस स्कूल में दिन के 11 बजे जब गाँव कनेक्शन की टीम पहुंची टीचर लापता थी और जमीन पर गंदगी के बीच बच्चे मिड डे मील के नाम पर रोटी ओर सब्जी खा रहे थे। क्लास दिन में पढ़ने वाल डिम्पी नामक की बच्ची बच्चों को मिड डे मील बांट रही थी। स्कूल में जगह-जगह गंदगी फैली हुई थी। जब टीचर से वहां फैली गंदगी के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि स्टाफ कम है, इसलिए जितना काम होना चाहिए वह नहीं हो पा रहा है।

अटल जी के स्कूल का यह हाल

शहर के नेहरू इंक्वेल स्थित बड़ी जुगौली स्कूल से पूर्व प्रधानमंत्री और लखनऊ के सांसद रहे अटल विहारी वाजपेयी से जुड़ा हुआ है। लखनऊ का सांसद रहते हुए उन्होंने अपने फंड से इस स्कूल का जीर्णोद्वार सौंदर्यीकरण कराया था। ऐसे में इस स्कूल का जायजा लेने के लिए गाँव कनेक्शन की टीम जब दोहपर 12.30 बजे इस स्कूल पहुंची तो इस कैंपस की गंदगी के बीच बच्चे खेल रहे थे और स्कूल की टीचर नदारद थी।

थीड़ी देर में वह स्कूल पहुंची और स्कूल के बोर में पूछने पर स्टाफ का रोना रोने लगी। इस स्कूल में भी कूड़े-कचरे से लेकर सारी अव्यस्थएं थीं। बच्चों के लिए साफ पीने के पानी तक की यहां पर व्यवस्था नहीं थी। स्कूल कैंपस में न तो बाउंड्री वाॅल है और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम।

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