भारत सरहद पर बनाएगा पक्की दीवार, पढ़िए इज़रायल-फलस्तीन दीवार की कहानी

भारत सरहद पर बनाएगा पक्की दीवार, पढ़िए इज़रायल-फलस्तीन दीवार की कहानीइज‍़रायल फलस्तीन बॉर्डर

केंद्रीय गृहमंत्रालय से खबर आई कि भारत, पाकिस्तान बॉर्डर पर इज़रायल-फलस्तीन की तरह ही पक्की दीवार बनाने पर विचार कर रहा है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस विषय पर पाकिस्तान की सीमा से सटे सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक भी की।

ये दीवार कैसी होगी इसका स्वरूप तय होना बाकी है लेकिन इज़रायल द्वारा फलस्तीन सीमा पर बनाई गए जिस दीवार का उदाहरण दिया जा रहा है आइए जानते हैं उस दीवार के बारे में कुछ तथ्य:

  • इज़रायल ने अपने देश और फलस्तीन के बीच बनाई है 700 किमी लंबी पक्की दीवार।
  • दीवार की ऊंचाई आठ मीटर है जो कि अपने पूरे विस्तार में तमाम चेकपोस्टों से ढकी हुई है।
  • दीवार के दोनों ओर कटीले तार लगे हुए हैं।
  • इस दीवार को बनाने में दो बिलियन डॉलर यानि आज के 13,354 करोड़ रुपए लगे थे।
  • इस दीवार को बनाने की मुख्य वजह इज़रायल पश्चिमी छोर से आने वाले आतंकियों को रोकना बताता है।
  • इज़रायल के दावों को मानें तो दीवार बनाने के बाद से आतंकवादी हमलों में कमी आई है।
  • इस दीवारा को बनाने के लिए इज़रायल को तमाम विरोध झेलने पड़े थे। मानवाधिकार पर काम करने वाले एनजीओ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।
  • 2003 में संयुक्त राष्ट्र की जनरल एसेंबली ने इस दीवार को गैरकानूनी घोषित करने का प्रस्ताव पारित कर दिया था।
  • अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने भी 2004 में इस दीवार को गैरकानूनी घोषित करते हुए इसके खिलाफ फैसला सुनाया था।
  • हालांकि, इज़रायल ने अपने देश की सुरक्षा का हवाला देते हुए इन सभी फैसलों को नज़रअंदाज़ कर दिया।
  • इज़रायल ने सिर्फ दीवार ही नहीं खड़ी की बल्कि उसकी सुरक्षा को अत्याधुनिक सेंसरों और कैमरों के ज़रिए बढ़ाते गए।

जैसलमेर में राजस्थान, पंजाब, जम्मू कश्मीर और गुजरात के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह पाकिस्तान के साथ जारी तनाव के बीच अन्तरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े चार राज्यों में मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए आज जैसलमेर पहुंचे।

केंद्रीय मंत्री सिंह जैसलमेर स्थित सीमा सुरक्षा बल के कार्यालय में अन्तरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान, पंजाब, जम्मू कश्मीर और गुजरात के सीमावर्ती इलाके में सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी लेकर इसकी समीक्षा करेंगे।

बैठक में चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों और गृहमंत्रियों को हिस्सा लेना है।

बैठक में हिस्सा लेने के लिए पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया, गुजरात के गृहमंत्री और जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव समेत अन्य सम्बधित अधिकारियों के शामिल होने की संभावना है।

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