माली में आत्मघाती बम विस्फोट में मृतक संख्या बढ़कर करीब 60 पर पहुंची

माली में आत्मघाती बम विस्फोट में मृतक संख्या बढ़कर करीब 60 पर पहुंचीफोटो: प्रतीकात्मक

गाओ (माली) (भाषा)। एक आत्मघाती हमलावर ने उत्तरी माली के एक शिविर में विस्फोटकों से भरा वाहन घुसाकर विस्फोट कर दिया जिससे करीब 60 लोगों की मौत हो गई और क्षेत्र को स्थिर बनाने की कोशिश कर रहे 115 लड़ाके एवं जवान घायल हो गए। इस हमले से शांति के प्रयासों को बड़ा झटका लगा है।

ऐसी आशंका जताई जा रही है कि यह हमला इलाके में सक्रिय इस्लामी अतिवादी समूहों ने किया है जो पक्षों को साथ लाने वाले, साल 2015 के शांति समझौते का विरोध कर रहे थे। मॉरीतानिया की एक संवाद समिति अलाखबर ने बताया कि अलकायदा की उत्तरी अफ्रीकी शाखा से संबद्ध अल मौराबितौन ने हमले की जिम्मेदारी ली है। अतिवादी समूह इस संवाद समिति से अक्सर संवाद करते हैं। गाओ शहर में ज्वाइंट ऑपरेशनल मेकैनिज्म शिविर पर बुधवार हमला हुआ। गाओ माली के जवानों एवं उन सैकड़ों पूर्व लड़ाकों का गृह है जिन्होंने सरकार के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार जब शिविर में घुसी, उस समय सैकड़ों लड़ाके एक बैठक के लिए एकत्र थे।

माली के राष्ट्रपति के कार्यालय ने बुधवार रात बताया कि इस हमले में 60 लोगों की मौत हो गई है और 115 लोग घायल हुए हैं। गाओ के अस्पताल में डॉक्टर सादोउ मैगा ने ‘एपी’ को बताया कि अस्पताल में दर्जनों घायल पहुंचे हैं जिससे अस्पताल की अन्य सभी गतिविधियां रुक गई हैं। उन्होंने कहा, “कुछ लोगों की गंभीर रूप से घायल होने के कारण मौत हो गई है और अन्य की हालत गंभीर है। इस समय मेरा ध्यान इस बात पर नहीं है कि कितने लोगों की मौत हुई है और कितने लोग घायल हुए हैं। मैं बस इस बात पर ध्यान दे रहा हूं कि मैं लोगों को कैसे बचा सकता हूं।”

अमेरिका ने हमले की निंदा की

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पीटर किर्बी ने बताया, “अमेरिका गाओ में सैन्य शिविर पर हुए कायरतापूर्ण हमले की कडी निंदा करता है जहां पर सरकारी बल और माली शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले सशस्त्र समूह के लोग रहते हैं।” बयान में कहा गया है, “आत्मघाती हमलावर द्वारा विस्फोटक से भरे ट्रक से किए गए हमले के बारे में हमें पता है।” इसमें कहा गया है, “हम पीडि़तों और उनके परिवार वालों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। माली में शांति समझौते को पटरी से उतारने के सभी प्रयासों की भी हम कड़ी निंदा करते हैं।” संयुक्त राष्ट्र ने माली में 13,000 शांतिरक्षकों को तैनात कर रखा है लेकिन हमलावर बार-बार उन्हें निशाना बनाते रहे हैं।

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