अब सेना के जवान ने वीडियो में लगाया आरोप, अधिकारी साफ करवाते हैं जूते, सेना ने दी सफाई

अब सेना के जवान ने वीडियो में लगाया आरोप, अधिकारी साफ करवाते हैं जूते, सेना ने दी सफाईसेना के लांस नायक वाईपी सिंह ने लगाया अधिकारियों पर आरोप।

लखनऊ/देहरादून/दिल्ली। बीएसएफ और सीआरपीएफ के बाद सेना के जवान के वीडियो ने देश में हड़कंप मचा दिया है। जवान ने उच्च अधिकारियों पर घर में काम करवाने और जूते साफ करवाने का आरोप लगाया है। मामला तूल पकड़ने के बाद सेना ने इस पर सफाई दी। वहीं जवान की पत्नी से अधिकारियों पर उनके पति को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।

देहरादून की 42 इंफेंट्री ब्रिगेड में तैनात लांस नायक यज्ञ प्रताप सिंह का वीडियो सामने आया है, जिसमें आरोप लगाया है कि पीएम, गृहमंत्री और रक्षा मंत्री को शिकायत वाला पत्र लिखने के बाद उसे परेशान किया गया और उसी के खिलाफ जांच शुरू कर दी।

यज्ञ प्रताप ने अपने वीडियो में कहा है कि मैं भी सवा अरब भारतीयों में से एक हूं और पिछले 15 साल से सेना में सेवा दे रहा हूं। इस दौरान मैंने देखा कि सेना में अधिकारी जवानों का किस तरह से शोषण करते हैं। मैं काफी दिनों से परेशान था। मेरे लिए हिम्मत जुटाना मुश्किल हो रहा था, क्योंकि सारी ताकत अधिकारियों के पास है। इसके बाद मैंने सबकुछ सोचते हुए अंत में फैसला किया कि इसके खिलाफ आवाज उठाऊंगा।

वाईपी सिंह ने कहा कि 15-06-2016 को मैंने देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षामंत्री, गृहमंत्री और सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखा। मेरे पत्र के बाद पीएमओ ने हमारे बिग्रेड से जवाब मांगा। पीएमओ ने ब्रिगेड से पूछा की जवान का पत्र आया है, क्या उसके लगाए गए आरोप सही हैं अगर ऐसा है तो उसमें सुधार किया जाए। जब यह पत्र हमारी ब्रिगेड में पहुंचा तो हमारे ब्रिगेड कमांडर अजय पराशबोला, डिप्टी कमांडर बीके जैन, सुबेदार बाबू लाल, सुबेदार मणिराम ने मुझे काफी प्रताड़ित किया गया।

जवान ने आगे कहा, “मुझे इतना ज्यादा परेशान किया गया कि मेरी जगह कोई और आत्महत्या कर लेता, लेकिन मैंने देश की सेवा के लिए वर्दी पहनी है और इसकी लाज रखूंगा। मैं अपने किसी कदम से वर्दी को कलंकित नहीं करना चाहता था।” पीएमओ में शिकायत के बाद सेना और दिल्ली से जवाब मांगा गया तो अधिकारी उसे परेशान करने लगे। जवान ने कहा, “हमारे अधिकारी कहते हैं कि मैंने देशद्रोह किया है और मुझे कोर्ट मार्शल करके घर भेज देंगे। जबकि मैंने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया। मैंने सिर्फ ये कहा था कि जवान देश की सेवा के लिए हैं ना कि अधिकारियों के घरों में काम करने के लिए जवान अधिकारियों के यहां बच्चे खिला रहे हैं, गाड़ियां साफ कर रहे हैं, बाग में पौधों को पानी दे रहे हं और जूते साफ कर रहे हैं।”

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