आप के खिलाफ ‘पंजाबी बनाम बाहरी’ की मुहिम तेज करेगी कांग्रेस

आप के खिलाफ ‘पंजाबी बनाम बाहरी’ की मुहिम तेज करेगी कांग्रेसदिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया

नई दिल्ली (भाषा)। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की ओर से अरविंद केजरीवाल को ‘अगला मुख्यमंत्री मानकर' पंजाब के मतदाताओं से मतदान करने की अपील की पृष्ठभूमि में आम आदमी पार्टी और उसके नेता केजरीवाल को घेरने के लिए कांग्रेस ‘पंजाबी बनाम बाहरी' की मुहिम तेज करने की तैयारी में है।

कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व और रणनीतिकार प्रशांत किशोर चुनाव से ऐन पहले बिहार में नीतीश कुमार के ‘बिहारी बनाम बाहरी' वाले अभियान की तर्ज पर आप की चुनावी धार कुंद करने की कोशिश में हैं और अगले कुछ दिनों में आप और केजरीवाल को घेरने की उसकी यह रणनीति जोर पकड़ने वाली है।

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता नेकहा, ‘‘सिसोदिया के बयान से साफ हो गया कि आम आदमी पार्टी और केजरीवाल क्या चाहते हैं। नुकसान के अंदेशे की वजह से केजरीवाल ने सफाई दे दी कि वह पंजाब के मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। हम जनता को बताएंगे कि अंदरखाने इनकी क्या रणनीति है। हम इन्हें जनता को गुमराह नहीं करने देंगे।''

उन्होंने कहा, ‘‘सभी जानते हैं कि केजरीवाल मूलत: हरियाणा के हैं। ऐसा होने नहीं जा रहा, लेकिन मान लीजिए अगर वह मुख्यमंत्री बन गए तो फिर उनसे एसवाईएल (सतलुज यमुना लिंक नहर) जैसे मुद्दे पर पंजाब के हितों की रक्षा करने की कैसे उम्मीद की जा सकती है? पंजाबी बनाम बाहरी का मुद्दा बहुत महत्वपूर्ण होने जा रहा है।''

उधर, सिसोदिया के बयान के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस की पंजाब प्रभारी आशा कुमारी ने कहा, ‘‘यह सबको पता है कि ये लोग क्या हैं। जनता इनको पहचान गई है। चुनाव में इसका नतीजा देखने को मिलेगा।'' पिछले दिनों एक चुनावी सभा में सिसोदिया ने मतदाताओं से अपील की थी कि वे यह मानकर मतदान करें कि केजरीवाल ही मुख्यमंत्री बनेंगे। इस बयान से विवाद खड़ा होने के बाद केजरीवाल ने सफाई देते हुए कहा, ‘‘मैं दिल्ली का मुख्यमंत्री हूं तो पंजाब का मुख्यमंत्री कैसे बन सकता हूं? मुख्यमंत्री जो भी बने, लेकिन जनता से किए गए वादों को पूरा कराना मेरी जिम्मेदारी है।''

पंजाब में इस बार मुकाबला त्रिकोणीय नजर आ रहा है। हाल के कुछ चुनाव सर्वेक्षणों में बढ़त दिखाए जाने के बाद कांग्रेस के हौसले और बुलंद हो गए हैं। हालांकि पार्टी ने अब तक मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार स्पष्ट नहीं किया है। वैसे मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर कैप्टन अमरिंदर सिंह को देखा जा रहा है।

दूसरी तरफ, चुनाव से ऐन पहले नवजोत सिंह सिद्धू के शामिल होने को लेकर चल रहा असमंजस पार्टी के लिए चिंता का विषय बन गया है, लेकिन कांग्रेस नेता ऐसा नहीं मानते।

आशा कुमारी ने कहा, ‘‘सिद्धू परिवार के लिए अमृतसर (पूर्व) की विधानसभा सीट तय कर दी गई है। उन्हें और उनकी पत्नी को फैसला करना है कि कौन चुनाव लड़ेगा। सिद्धू को लेकर कोई असमंजस नहीं है। पार्टी का चुनाव प्रचार अभियान जोर-शोर से चल रहा है।'' गौरतलब है कि 117 सदस्यीय पंजाब विधानसभा के लिए चार फरवरी को मतदान कराया जाएगा और चुनाव परिणाम 11 मार्च को घोषित होगा। पंजाब में इस समय प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व में शिरोमणि अकाली दल और भाजपा की गठबंधन सरकार है।

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