बेटे के स्कूल जाने का हवाला देकर जज ने सुनवाई से खुद को अलग किया

बेटे के स्कूल जाने का हवाला देकर जज ने सुनवाई से खुद को अलग कियाआप सरकार के 2017-18 के लिए नर्सरी दाखिला मानदंडो के खिलाफ सुनवाई से जज ने खुद को अलग किया

नई दिल्ली (भाषा)। दिल्ली उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश ने आप सरकार के 2017-18 के लिए नर्सरी दाखिला मानदंडो के खिलाफ सुनवाई से शुक्रवार को खुद को अलग कर लिया क्योंकि उनका बेटा स्कूल जाता है। वकीलों के यह कहने के बाद भी वह अपने फैसले से डिगे नहीं कि अगर वह मामले की सुनवाई करते हैं तो उन्हें कोई ऐतराज नहीं है।

न्यायमूर्ति वीके राव ने कहा, ‘मुझे आज एक मुश्किल है। मैं इस मामले की सुनवाई नहीं कर सकता हूं। मेरा बेटा स्कूल जाता है।’ हालांकि मामले के वकीलों ने कहा कि उनके बच्चे भी स्कूल जाते हैं। दिल्ली सरकार के वकीलों ने भी कहा कि अगर यह पीठ मामले की सुनवाई करती है तो उन्हें आपत्ति नहीं है।

एक अन्य पीठ ने गुरुवार को आप सरकार की खिंचाई करते हुए कहा था कि यह अंतिम क्षणों में नर्सरी दाखिले के लिए मानदंड लेकर आई है जो न सिर्फ अव्यवस्था और भ्रम की स्थिति की वजह बना, बल्कि इसने न्यायालय का बहुमल्य वक्त भी बर्बाद किया है।

गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों का प्रतिनिधित्व कर रहे दो समूहों ने उनको आवंटित की गई डीडीए की भूमि से संबंधित एक शर्त को चुनौती दी है जिसके तहत दाखिलों को उस इलाके तक सीमित कर दिया गया है जहां पर ये संस्थान स्थित हैं।

दो स्कूल निकायों और कुछ अभिभावों ने भी दिल्ली सरकार के नर्सरी दाखिला के इस मानदंडों को चुनौती दी है।

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