मोदी सरकार ने किसी भी उद्योगपति का एक रुपया तक नहीं माफ किया : जेटली 

मोदी सरकार ने किसी भी उद्योगपति का एक रुपया तक नहीं माफ किया : जेटली लखनऊ में अरुण जेटली ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर साधा निशाना।

लखनऊ। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उद्योगपतियों का कर्ज माफ करने के कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बयान को सरासर गलत करार देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने किसी भी उद्योगपति का एक भी रुपया कर्ज माफ नहीं किया है और राहुल दरअसल अपनी ही पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार पर आरोप लगा रहे हैंं।

जेटली ने यहां संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल पर कहा कि राहुल अपनी तमाम रैलियों में केंद्र पर देश के 50 अमीर परिवारों का एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज माफ करने का आरोप लगाते हैं, लेकिन उनका यह बयान सरासर गलत है।

उन्होंने कहा कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने अब तक किसी भी उद्योगपति का एक भी रुपया कर्ज माफ नहीं किया है। हो सकता है कि राहुल के पास जानकारी की कमी हो। दरअसल वह अपनी ही पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार पर आरोप लगाते हैं, क्योंकि आज ज्यादातर बढ़े ‘नॉन परफार्मिंग असेट’ उन लोगों के हैं जिन्हें कांग्रेसनीत तत्कालीन संप्रग सरकार ने कर्ज दिये थे।

देश और उत्तर प्रदेश में भाजपा का माहौल

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि “मेरा आंकलन ये है कि भाजपा के पक्ष में माहौल है। पहले चरण में ये बात सामने आई है। स्नातक एमएलसी चुनाव में भी बीजेपी जीती हैं। उड़ीसा में पंचायत चुनाव में बहुत अच्छे परिणाम आये हैं। यही हाल यूपी में है। यहाँ लहर है। यूपी में बहुमत मिलेगा। पहले चरण में बसपा ने कई जगह मुकाबला किया है।“

सपा और कांग्रेस के बीच सबसे बड़ा अवसरवादी गठबंधन

उन्होंने कहा कि “सपा कांग्रेस के तौर पर अब तक का सबसे बड़ा अवसरवादी गठबंधन हुआ है। ये मजबूरी का गठबंधन है। देश का समाजवादी आंदोलन कांग्रेस विरोधी रहा है। कांग्रेस हटाओ देश बचाओ का नारा लोहिया जी ने दिया था। उस आंदोलन का उत्तर प्रदेश ने पतन होते देखा है। वैचारिक आधार को छोड़कर पारिवारिक आधार को पकड़ा गया है। कांग्रेस भी परिवारवाद के आधार पर चलती है। काले धन के खिलाफ जब संघर्ष छेड़ा सारे तर्क कांग्रेस और सपा ने इसके खिलाफ दिये थे। मगर उनके विरोध का कोई वैचारिक आधार नहीं था। भ्रष्टाचार से दोनों दलों को कोई परहेज नहीं है।“

सपा कर रही है गिरोहबंदी की राजनीति

“समाजवादी पार्टी ने पिछले कई बरसों से गिरोहबंदी की परम्परा को राजनीति में डाल दिया है। यही कारण है कि एक अराजकता की स्थिति बना दी गयी है। ये अराजकता है। मंत्री के खिलाफ आरोप लगाने वाली महिला का क़त्ल हो रहा है। विकास की दृष्टि से देश के अन्य प्रांत तरक्की कर रहे हैं यूपी बहुत दूर हैं। एक आधा अधूरा हाइवे बनाया है। हम 30 किमी रोज हाइवे बनाने का लक्ष्य बनाया है। पाँच साल में एक आधी अधूरी सड़क बनाई है। हमारी प्राथमिकताएं स्पष्ट हैं। कृषि और ग्रामीण इलाकों के लिए काम है। बिजली और सड़क दी है। पक्के घर बनवायेंगे। ग्रामीण शौचालय। सेट्रल बजट है ब्याज पर सब्सिडी देते हैं।“

बजट में हमने केवल राहत दी

अरुण जेटली ने कहा कि, “यूपीए सरकार से जयादा हमने इंफ्रास्ट्रक्चर पर बजट दिया है। हर साल बजट में सामान महंगा होने की खबर होती थी। मगर हमने केवल राहत दी है। विमुद्रीकरण और यूपी इलेक्शन का कोई लेना देना नहीं है। बहुत अधि क कैश भारत में था। दुनिया में कहीं भी 86 फीसदी कैश नहीं था। ये अपराध की जड़ था। इसके साथ हमने राजनैतिक सुधार भी किया। कोई राजनैतिक दल 2000 से अधिक रूपयों का चंदा कैश पर नहीं ले सकता है।“

पर्सनल लॉ संविधान के अनुरूप काम करें, इसलिए ट्रिपल तलाक के खिलाफ

उन्होंने कहा कि, “कॉमन सिविल कोड और ट्रिपल तलाक अलग नहीं है। मगर जब तक कॉमन सिविल कोड लागू नहीं होता है। तब तक पर्सनल लॉ को सविधान के अनुरूप हो। तमिलनाडु मामले में केंद्र सरकार का कोई रोल नहीं हैं। राज्यपाल संवैधानिक मान्यताओं के हिसाब से फैसला करेंगे।“

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