मध्यप्रदेश में जल्द ही होगा पहला ‘नकदीरहित गांव’

मध्यप्रदेश में जल्द ही होगा पहला ‘नकदीरहित गांव’एमपी के बड़झिरी गांव को ‘नकदी रहित’ गांव में बदला जाएगा।

भोपाल (भाषा)। मध्यप्रदेश में जल्द ही पहला ‘नकदी रहित' (कैशलेस) गांव होगा। इस गांव में पॉइन्ट ऑफ सेल (पीओएस) लगी हुई दुकानें होने के साथ-साथ एटीएम एवं ऑनलाइन भुगतान सुविधा के केंद्र होंगे, ताकि बिना नकदी के लेन-देन किया जा सके।

मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री जयंत मलैया ने यहां बताया, ‘‘बैंक ऑफ इंडिया ने राज्य सरकार के साथ मिलकर एक योजना बनाई है, जिसके तहत बड़झिरी गांव को ‘नकदी रहित' गांव में बदला जाएगा।'' बड़झिरी गांव प्रदेश की राजधानी भोपाल के बाहरी इलाके में है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं कल बैंक अधिकारियों के साथ यह जानने के लिए इस गांव का दौरा करूंगा कि किस तरह से इस समूचे गांव को नकदी रहित बनाने की योजना को अमलीजामा पहनाया जाए।'' मलैया ने बताया कि बैंक सभी दुकानदारों को पीओएस उपलब्ध कराने के साथ-साथ एटीएम एवं ऑनलाइन भुगतान सुविधा केंद्र स्थापित करेगी, ताकि डिजिटल लेन-देन सुनिश्चित किया जा सके।

इससे पहले आज सुबह मलैया ने अधिकारियों के साथ एक मीटिंग भी कर राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा अपनाये जा रहे नकदी रहित भुगतान के उपायों की चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अधिकारियों के साथ एक बैठक की है। उन्होंने मुझे बताया कि ‘प्रमुख प्रशिक्षकों' का प्रशिक्षण पूरा हो गया है। ये प्रशिक्षक समूचे राज्य के अन्य कर्मचारियों को नकदी रहित लेन-देन के बारे में बताएंगे।'' मलैया ने बताया कि इस ट्रेनिंग कार्यक्रम को पूरा करने के लिए कोई आखिरी तिथि तय नहीं की गई है।

इसके अलावा, आज सुबह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मंत्रिमंडल की बैठक भी हुई, जिसमें प्रदेश के समूचे विभागों से नकदी रहित लेन-देन आसान बनाने के उपायों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘मुख्यमंत्री ने अपने सभी मंत्रिमंडलीय साथियों से कहा है कि वे अपने-अपने संबंधित विभागों में नकदी रहित लेन-देन सुनिश्चित करें।'' उन्होंने कहा, ‘‘वित्त मंत्री इस संबंध में सभी योजनाओं की निगरानी करेंगे।''

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