बरसीम उगाकर खेत बनाया उपजाऊ, अब कमा रहे मुनाफ़ा

बरसीम उगाकर खेत बनाया उपजाऊ, अब कमा रहे मुनाफ़ाबरसीम उगाकर दोनों भाइयों ने खेत का बदल दिया स्वरूप।

दिवेन्द्र सिंह (स्वयं डेस्क)

लखनऊ। दो किसान भाइयों ने अपनी मेहनत से बंजर सरीखी जमीन को न केवल उपजाऊ बना दिया बल्कि अब उसी खेत से लाखों रुपये कमा रहे हैं।

साल 1980 में अमृतसर आए सरबजीत सिंह (50 वर्ष) ने 120 एकड़ ऊसर जमीन खरीदी तो लोगों ने कहा कि पैसे बर्बाद कर रहे हैं। सरबजीत और उनके छोटे परबिन्दर सिंह ने अपनी मेहनत से पूरी जमीन को उपजाऊ बना दिया है। उसी 120 एकड़ खेत से अब वो लाखों रुपये कमा रहे हैं।

सरबजीत सिंह बताते हैं, "हम लोगों ने खेत में जिप्सम भी डालकर देखा लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ, उसके बाद ढ़ैंचा, धान, गेहूं भी लगाया, फिर भी जमीन पर कोई असर नहीं हुआ।"

इसके बाद सरबजीत को पता चला कि बरसीम बोने से खेत को उपजाऊ बनाया जा सकता है। सरबजीत सिंह कहते हैं, "कई सारी फसल लगाने के बाद मुझे पता चला कि बरसीम की फसल से मिट्टी को उपजाऊ बनाया जा सकता है। बरसीम की जड़ों में फास्फोरस होता है, जो मिट्टी को उपजाऊ बना देता है।"

बरसीम को कई साल लगाने के बाद अब खेत उपजाऊ हो गया है। उसी खेत में सरबजीत अब बरसीम और कर्वी जैसे हरे चारे लगाकर लखनऊ में बेचते हैं, जिससे लाखों रुपये कम लेते हैं।

बरसीम की खेती में सिंचाई की समस्या के बारे में सरबजीत सिंह बताते हैं, "सिंचाई करने में दिक्कत हो रही हो रही है, पानी की ज्यादा जरुरत होती है, लेकिन पर पानी नहीं मिल रहा है।"

पशुओं के चारे के रूप में बरसीम का इस्तेमाल किया जाता है। धान के साथ बरसीम की बोआई करके आसानी से अच्छा उत्पादन किया जा सकता है। 50-60 दिन के भीतर पहली कटाई की जा सकती है। 20-25 दिनों के मध्य में दूसरी और तीसरी कटाई की जा सकती है। बरसीम की उपज 1000-1200 कुंतल प्रति हेक्टेयर होती है। मुनाफा के हिसाब से प्रति हेक्टेयर 20-25 हजार रुपए तक होता है।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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