चीन पर लगाम लगाने के लिए जापान का ‘मोहरा’ नहीं बनेगा भारत : चीनी मीडिया  

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   12 Nov 2016 3:10 PM GMT

चीन पर लगाम लगाने के लिए जापान का ‘मोहरा’ नहीं बनेगा भारत : चीनी मीडिया  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबे। 

बीजिंग (भाषा)। चीन और भारत के विवादों को अपने हितों के लिए भुनाने का जापान पर आरोप लगाने के साथ ही चीन ने आज कहा कि भारत उस पर लगाम लगाने के लिए जापान के हाथों का ‘मोहरा' नहीं बनेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आजकल जापान यात्रा पर हैं।

ग्लोबल टाइम्स ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तीन दिवसीय जापान यात्रा पर लिखे अपने संपादकीय में कहा है, ‘‘ जापान भारत और चीन के बीच के विवादों का इस्तेमाल कर चीन पर लगाम लगाने के लिए भारत को राजी करना चाहता है, जापान भारत से अपील करना चाहता है कि वह दक्षिणी चीन सागर मामले में टांग अडाए, जापान इसके लिए अपनी वर्षों पुरानी परमाणु इस्तेमाल को कम करने की स्थिति में भी बदलाव कर रहा है और उसने भारत को असैन्य परमाणु सहयोग के लाभों की पेशकश तक कर दी है।''

सरकार समर्थक दैनिक ने लिखा है, ‘‘ पिछले तीन वर्षों में जापान की राजनयिक नीतियों को देखें तो आबे प्रशासन चीन को घेरने के लिए क्षेत्रीय ताकतों को अपनी ओर करने के प्रयासों में लगा है।''

इसमें कहा गया है कि भारत को जापान से परमाणु और सैन्य तकनीक तथा विनिर्माण उद्योग और हाई स्पीड रेलवे की तरह ढांचागत क्षेत्र में निवेश के लिए जापान की जरुरत है।

दैनिक ने हालांकि लिखा है कि भारत द्वारा जापान की इच्छाओं के अनुसार अपनी स्थिति बदले जाने की संभावना नहीं है। इसमें कहा गया है, ‘‘ भारत ने बहुपक्षीय कूटनीतिक अवधारणा और प्रमुख ताकत का रुख अख्तियार किया है. जापान की योजनाएं मनमुटाव की हैं जो भारत की नीतियों के विपरीत हैं. इसलिए भारत, जापान के साथ अपने सहयोग का मामला दर मामला व्यावहारिक आंकलन करेगा।''

संपादकीय में लिखा गया है, ‘‘ भारत, चीन को रोकने के लिए जापान के हाथों का मोहरा नहीं बनेगा क्योंकि वह चीन और जापान के बराबर की ताकत बनना चाहता है और दोनों पक्षों से फायदा लेना चाहता है. भारत , जापान के करीब जाएगा लेकिन भाईचारे के संबंधों में नहीं जाएगा।''

भारत और जापान द्वारा कल संयुक्त बयान जारी किए जाने से पूर्व संभवत: लिखे गए इस संपादकीय में कहा गया है, ‘‘ दोनों पक्षों ने संकेत दिए कि वे अपने संयुक्त बयान में दक्षिण चीन सागर पंचाट को शामिल करेंगे।''



More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top