शरारती होने के कारण कक्षा से बाहर कर दिए जाते थे प्रेमजी

शरारती होने के कारण कक्षा से बाहर कर दिए जाते थे प्रेमजीप्रेमजी ने विप्रो के अर्थियन अवार्ड्स के दौरान बच्चों के साथ साझा कीं अपनी जीवन की बातें। 

बेंगलुर (भाषा)। अपने स्कूल के दिनों की याद करते हुए विप्रो के प्रमुख अजीम प्रेमजी ने शनिवार को कहा कि बचपन में स्कूल के दिनों में वह बहुत शरारती थे, इसलिये अक्सर उन्हें कक्षा से बाहर कर दिया जाता था।

उन्होंने कहा, ‘‘हां, मैं जब छोटा बच्चा था तो बहुत शरारती था। उन दिनों हमारे सिर पर और उल्टेहाथ पर पिटाई की जाती थी। हमें लंबा वक्त कक्षा के बाहर घुटनों के बल बिताना पड़ता था।

अब शायद इस तरह से बच्चों की पिटाई नहीं की जाती है लेकिन मैंने अपनी कक्षा के बाहर इस तरह लंबा वक्त बिताया है।'' प्रेमजी ने यहां विप्रो के 2016 अर्थियन अवार्ड्स के दौरान बच्चों के साथ बातचीत में यह बात कही।

जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने शुरुआत में ही कॉलेज क्योें छोड दिया तो इस पर पे्रमजी ने कहा कि ऐसा उन्होंने अपने पिताजी की जिम्मेदारियां उठाने के लिए किया क्योंकि बहुत कम उम्र में ही उनकी मृत्यु हो गई। लेकिन उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में अपनी परास्नातक डिग्री कई साल बाद पूरी की।

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