“न बैठूंगा न बैठने दूंगा” के खौफ में यूपी की अफसरशाही

“न बैठूंगा न बैठने दूंगा” के खौफ में यूपी की अफसरशाहीउत्तर प्रदेश के बड़े अधिकारियों में मची है ख़लबली।

लखनऊ। अफसरशाही पर नई सरकार बनने का खौफ नजर आने लगा है। ब्यूरोक्रेसी के खास अंदाज नजर आ रहे हैं। मोदीमीनिया का असर दिख रहा है। न बैठेंगे न बैठने देंगे का असर है। एक से एक सख्त आदेश जारी हो रहे हैं। मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने सभी विभागों के लिए आदेश जारी कर दिया है।

आदेश के अनुसार 20 मार्च से सभी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी तय समय पर दफ्तर पहुंचेंगे। दफ्तरों के काम में गड़बड़ी होने पर कोई बक्शा नहीं जाएगा। इसके अलावा सरकार बनने की प्रक्रिया के दौरान टेंडर पास करने पर सख्त रोक लगा दी गई है। विभागों में किसी तरह का पेमेंट भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। सबसे सख्त आदेश आवास विभाग को दिया गया। आवास की ओर से इस संबंध में सभी प्राधिकरणों और खासतौर पर लखनऊ विकास प्राधिकरण को सख्त ताकीद कर दी गई है। यही नहीं कई जगह बनी हुई सड़कों को बनाने काम शुरू कर के अफसरों ने खुद को सख्त चौकन्ना साबित कर दिया है। इससे पहले भी मुख्य सचिव ने भाजपा के लोकसंकल्प पत्र (घोषणापत्र) मंगा कर विभिन्न मुद्दों पर सरकार के रोडमैप को लेकर चर्चा कर चुके हैं।

मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने इस संबंध में शुक्रवार को सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कृषि उत्पादन आयुक्त, सभी अपर मुख्य सचिव, सभी प्रमुख सचिव, अपर सचिव, सचिव और सभी विभागों के अध्यक्षों को ये पत्र जारी किया है। इस आदेश के मुताबिक, “राहुल भटनागर ने कहा कि प्रदेश में नई सरकार बन चुकी है। जिसमें कहा गया है कि नई सरकार की नीतियों और संकल्प पत्र का अनुपालन और क्रियान्वयन समयबध्द तरीके से किया जाना है इसलिए 20 मार्च से प्रत्येक कार्य दिवस में अफसर और कार्मिक अपनी समयाविधि में नियमित तौर पर मौजूद रहेंगे। इसके अलावा अपने दायित्वों का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें। इन निर्देशों का अनुपालन न करने की दशा में इसको प्रतिकूल रूप से संज्ञान में लिया जाएगा।”

पिछले तीन दिन से जारी अफसरों की कवायद

नई सरकार बनने के बाद अफसरों की ये चुस्ती पिछले तीन दिन से लगातार नजर आ रही है। सबसे पहले मुख्य सचिव ने भाजपा के लोककल्याण पत्र को सामने रख कर सभी विभागों के अफसरों के साथ चर्चा की। इस चर्चा में रोडमैप तैयार किया गया जिस पर शासन काम करेगा। अगले दिन यानी बृहस्पतिवार को मुख्य सचिव ऑफिस ने एक सख्त आदेश सभी विभागों को जारी किया। इस आदेश के तहत नई सरकार के शपथग्रहण और मंत्रियों की तैनाती से पहले किसी भी तरह की टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया। इस संबंध में प्रमुख सचिव आवास सदाकांत ने सभी प्राधिकरणों को ऐसी किसी भी टेंडर या पेमेंट होने की दशा में सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा जिसमें एलडीए के अफसरों को विशेष हिदायत दी गई। जबकि विधानमंडल दल की बैठक से ठीक एक दिन पहले सभी विभागों को 20 मार्च से अतिरिक्त मुस्तैदी बरतने का निर्देश दिया गया।

नृपेंद्र मिश्र ने भी डाला लखनऊ में डेरा

यूपी की ब्यूरोक्रेसी के पुराने महारथी और पीएम नरेंद्र मोदी के प्रिंसिपल सेक्रेटरी नृपेन्द्र मिश्र राजधानी पहुंच गए हैं। यूपी के सीएम के नाम के एलान से पहले ब्यूरोक्रेसी को ये कसने की कवायद मानी जा रही है। नृपेंद्र मिश्र यहां अफसरों को भाजपा सरकार की कार्यपध्दति से परिचित करवाएंगे। ताकि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के लोकसंकल्प पत्र के अधिकांश बिंदुओं को जमीन पर उतारा जा सके। जिसके पहले चरण को अगले 10 महीने में ही लागू करना होगा।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश।

सरकार बनने से पहले ही सीएम आफिस पहुंचेंगे विधायक

ब्यूरोक्रेसी के बदले हुए रुख को समझने की एक नजीर शुक्रवार को और मिली। भाजपा के 325 विधायकों की विधायक मंडल की बैठक के लिए मुख्यमंत्री के नये सचिवालय के सभागार को चुन लिया गया है। इसी सभागार में भाजपा विधानमंडल दल की बैठक होगी। जिसमें नया सीएम चुना जाएगा।

कहीं बन रही नई सड़क तो शपथग्रहण के लिए उमड़ा पूरा अमला

गोमती नगर के सीएमएस रोड के बने होने के बावजूद इसको नये सिरे से चमाचम करने की कवायद हो रही है। दरअसल माना जा रहा है कि भाजपा का गढ़ होने की वजह से सबसे पहले गोमती नगर क्षेत्र को चमकाया जाएगा। इसके अला शपथग्रहण को लेकर जैसे ही भाजपा प्रदेश केशव प्रसाद मौर्य ने घोषणा की कि शपथग्रहण 19 मार्च को होगा। वैसे ही मुख्य सचिव कार्यालय चौकन्ना हो गया। एलडीए को इस सारे आयोजन की जिम्मेदारी दे दी गई। एलडीए के उपाध्यक्ष ने भी मौके की नजाकत को समझा। तत्काल एक टीम गठित कर दी गई जो पूरा आयोजन करवाएगी।

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