बीस लाख परिवारों वाला अभियान नहीं मरेगा धीमी मौत

बीस लाख परिवारों वाला अभियान नहीं मरेगा धीमी मौतगाँव कनेक्शन की खबर पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लिया संज्ञान।

लखनऊ। ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश प्रदेश के 20 लाख परिवारों की ज़िंदगी में बदलाव ला रहा महिला सामाख्या कार्यक्रम एक विभाग की उदासीनता के कारण धीमी मौत नहीं मरेगा।

गाँव कनेक्शन में छपे समाचार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को संज्ञान में लिया और उसके बाद उनकी प्रमुख सचिव अनीता सिंह ने संस्था से वादा किया कि बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में महिला सामाख्या के लिए बजट का अनुमोदन कर दिया जाएगा।

सत्ताईस वर्ष से कई राज्यों में चल रहे महिला कार्यक्रम को नरेंद्र मोदी सरकार ने अचानक बंद कर दिया था, जिस से लाखों महिलाओं का भविष्य अंधेरे में आ गया। कुछ राज्यों ने (कर्नाटक और गुजरात) जिन में उत्तर प्रदेश भी शामिल था, इसका ख़र्च वहन करने का निर्णय लिया किंतु सचिव (बेसिक शिक्षा) अजय कुमार सिंह ने फ़ाइल को महीनों तक बिना ठोस कारण बताए अपने पास रोके रखा जिसके कारण इस प्रोजेक्ट के भविष्य पर संकट के बादल दिखने लगे। गाँव कनेक्शन ने मंगलवार के अंक में प्रमुखता से इस खबर को प्रकािशत किया।

इसके बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री की प्रमुख सचिव अनीता सिंह ने महिला सामाख्या के प्रतिनिधियों को ये आश्वासन दिया। वहीं महिला सामाख्या कार्यक्रम को प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा। इस बारे में जानकारी देते हुए महिला सामाख्या उत्तर प्रदेश की राज्य परियोजना निदेशक डा. स्मृति सिंह ने बताया ‘’मंगलवार को महिला सामाख्या कर्मचारी संघ की अध्यक्ष प्रीति श्रीवास्तव और विनीता त्रिपाठी से मुख्यमंत्री की प्रमुख सचिव अनीता सिंह की मुलाकात हुई जिसमें उन्होंने कहा कि बुधवार को होने वाली राज्य कैबिनेट मीटिंग में महिला सामाख्या के बजट को अनुमोदन के लिए रखा जाएगा।’’

महिला सामाख्या की विनीता त्रिपाठी ने बताया, ‘’कार्यक्रम की फाइल को पिछले नौ महीने से दबाकर रखने वाले बेसिक शिक्षा विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह ने गाँव कनेक्शन में खबर छपने के बाद हमें आनन-फानन मंगलवार को सीएसआई टावर स्थित अपने आवास में मिलने के लिए बुलाया और आश्वासन दिया कि महिला सामाख्या की फाइल को उन्होंने कैबिनेट मीटिंग में भेजने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के मंत्री अहमद हसन के पास भेज दिया है।’

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