नोटबंदी के बाद टोल प्लाजा पर बढ़ा ई-भुगतान का ग्राफ

नोटबंदी के बाद टोल प्लाजा पर बढ़ा ई-भुगतान का ग्राफटोल प्लाजा।

गाँव कनेक्शन संवाददाता

उन्नाव। नोटबंदी के बाद टोल बैरियर पर ई-भुगतान का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। नगद भुगतान की जगह लोग डेबिट कार्ड के साथ पेटीएम का प्रयोग कर टोल चुका रहे हैं। टोल चुकाने के लिए ई भुगतान में लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए पीओएस मशीनों की संख्या बढ़ाने के साथ ही अन्य विकल्पों को उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था शुरू कर दी गई है।

नोटबंदी के बाद देश को कैशलेस भुगतान की राह पर लाने की कवायद तेजी से चल रही है। लोगों को डिजिटल भुगतान के प्लेटफार्म पर लाया जा सके इसके लिए ऑनलाइन बैंकिंग के साथ ही पेटिएम और डेबिट व क्रेडिट कार्ड से भुगतान के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। यही नहीं सरकार ने कैशलेस भुगतान करने वालों के लिए इनाम की भी घोषणा की है। सरकार का मानना है कि इससे ई-भुगतान को बढ़ावा मिल सकेगा। सरकार की इस पहल के नतीजे भी सामने आने लगे हैं। नगद भुगतान की जगह अब लोग ई-भुगतान पर अधिक दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

नोटबंदी के बाद नवाबगंज स्थित टोल बैरियर पर ई-भुगतान में भारी बढ़ोत्तरी हुई है। पीएनसी ग्रुप द्वारा संचालित टोल बैरियर से मिले आंकड़ों के अनुसार नोटबंदी से पहले ई-भुगतान शून्य था। फास्ट टैग की सुविधा शुरू की गई थी जिसका प्रयोग भी नाममात्र का होता था। लेकिन, नोटबंदी के बाद अब लोग ई-भुगतान को अधिक महत्व दे रहे हैं। टोल मैनेजर एस चौहान ने बताया, "ई-भुगतान के लिए बैरियर पर पीओएस मशीनों की संख्या बढ़ा दी गई है। हर रोज 400 से अधिक लोग डेबिट कार्ड का प्रयोग कर टोल चुका रहे हैं जबकि पेटीएम के जरिए होने वाले भुगतान का एवरेज भी तीस के आस-पास रहता है।" उन्होंने यह भी बताया कि नोटबंदी के बाद से फास्ट टैग सुविधा के लिए आवेदन की संख्या भी बढ़ी है। मौजूदा समय में 26 वाहन इस सुविधा के प्रयोग के जरिए टोल का भुगतान कर रहे हैं। उधर, डेबिट कार्ड के जरिए होने वाले भुगतान में लोगों को किसी तरह की समस्या न हो इसके लिए मैनेजर एस चौहान ने बताया कि पीओएस मशीनों की संख्या बढ़ाई जा रही है। कभी-कभी नेटवर्क में परेशानी की वजह से देरी हो जाती है। इसे देखते हुए अन्य विकल्पों की व्यवस्था करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

पीओएस मशीन की बढ़ी मांग

नोटबंदी के बाद आया भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। कैशलेस व्यवस्था को लागू करने के लिए सरकार ने अपना पूरा जोर लगा दिया है। लोग भी ई-भुगतान के लिए जागरूक हो रहे हैं। ऐसे में स्वाइप मशीनों की मांग भी तेजी से बढ़ी है। शहर में व्यापारियों ने नोटबंदी से कारोबार में आई सुस्ती को दूर करने के लिए पीओएस मशीनों के लिए बैंकों में आवेदन शुरू कर दिए हैं। बैंक भी कारोबारियों को पीओएस मशीनें उपलब्धक रही हैं। उधर, छोटे दुकानदार जो पीओएस मशीन का सहारा नहीं ले सकते हैं वे ई-वॉलेट का सहारा ले रहे हैं। शहर के बड़ा चौराहा स्थित कई दुकानों पर पेटीएम से भुगतान हो रहा है। सौ रुपये से लेकर हजार रुपये तक की खरीदारी पर लोग पेटीएम से भुगतान कर रहे हैं।



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