सीबीआई: 2016 में छायी रही अहम शख्सियतों की गिरफ्तारी

सीबीआई: 2016 में छायी रही अहम शख्सियतों की गिरफ्तारीवर्ष 2016 में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी, अरविंद केजरीवाल की तत्कालीन प्रधान सचिव और न्यायाधीश रचना लखनपाल जैसी बड़ी शख्सियतों की गिरफ्तारी को लेकर सीबीआई पूरे साल सुखिर्यों में रही।

नई दिल्ली (भाषा)। वर्ष 2016 में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी, अरविंद केजरीवाल की तत्कालीन प्रधान सचिव और न्यायाधीश रचना लखनपाल जैसी बड़ी शख्सियतों की गिरफ्तारी को लेकर सीबीआई पूरे साल सुखिर्यों में रही। हालांकि, एक वरिष्ठ नौकरशाह ओैर उसके परिवार के सदस्यों द्वारा खुदकुशी किए जाने के बाद उसे अपनी छवि बचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पडी जिन्होंने एजेंसी पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था।

वर्ष 2016 में एजेंसी के नेतृत्व में बदलाव की भी बात थी लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया, क्योंकि ऐसी अटकलें थीं कि सरकार मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर के कार्यकाल के दौरान सीबीआई प्रमुख के चयन से बचना चाहती है। टीएस ठाकुर का कार्यकाल आज खत्म हो रहा है। संघीय एजेंसी ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर खरीद घोटाला मामले में एसपी त्यागी की अचानक गिरफ्तारी से मीडिया की सुर्खियां बटोरीं। किसी पूर्व वायुसेना अध्यक्ष को सीबीआई ने पहली बार गिरफ्तार किया।

अन्य प्रमुख गिरफ्तारी आईएएस अधिकारी और दिल्ली के मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव रहे राजेंद्र कुमार की रही। यह गिरफ्तारी उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर की गई थी। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के कारण राष्ट्रीय राजधानी में भाजपा और आप के बीच आरोप प्रत्यारोपों की झड़ी लग गई। आप ने केंद्र पर आरोप लगाते हुए दावा किया कि चूंकि उनकी पार्टी को पंजाब और गोवा में भारी समर्थन मिल रहा है इसलिए केंद्र सरकार उन्हें निशाना बना रही है।

भाजपा ने इसके जवाब में कहा कि केजरीवाल और मनीष सिसौदिया अपनी नाक के नीचे भ्रष्टाचार होने दे रहे हैं। हैरानी की बात यह रही कि इस पूरे प्रकरण में कांग्रेस ने भी भाजपा का साथ देते हुए आप पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगाया। किसी मौजूदा जज के खिलाफ बेहद अलग अंदाज में कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने दिल्ली की तीस हजारी अदालत में जज रचना लखनपाल को एक मामले में 20 लाख रुपये रिश्वत लेने की मांग करने के आरोप में गिरफ्तार किया। हालांकि एजेंसी शराब कारोबारी विजय माल्या के लंदन फरार हो जाने के कारण उन्हें गिरफ्तार करने में नाकाम रही।

सीबीआई ने कई अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार कार्रवाई की और विभिन्न स्तर पर 500 से अधिक अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। ताजा आंकड़े के अनुसार 31 अक्तूबर तक जांच एजेंसी ने 124 मामलों में आरोपपत्र दायर किया। बहरहाल, भ्रष्टाचार के मामले में कॉरपोरेट मामलों के पूर्व महानिदेशक बीके बंसल की गिरफ्तारी ने जांच एजेंसी को कटघरे में खड़ा कर दिया क्योंकि अधिकारी और उनके परिवार के सदस्यों (पत्नी, बेटी और बेटे) ने सीबीआई अधिकारियों पर उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए खुदकुशी कर ली थी।

साल के दौरान सीबीआई ने जिन दिग्गज शख्सियतों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किए उनमें हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनके परिवार के सदस्यों का नाम भी शामिल है। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में आरोपपत्र दायर किया गया। इसके अलावा जांच एजेंसी ने अवैध टेलीफोन एक्सचेंज मामले में पूर्व टेलीकॉम मंत्री दयानिधि मारन, उनके भाई कलानिधि मारन और अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया।

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