यश प्लाईवुड फैक्ट्री पर सेन्ट्रल एक्साइज का छापा

यश प्लाईवुड फैक्ट्री पर सेन्ट्रल एक्साइज का छापाप्रतीकात्मक तस्वीर।

मैनपुरी। सेंट्रल एक्साइज विभाग के अधिकारियों की टीम ने मंगलवार की दोपहर शहर में यश प्लाईवुड फैक्ट्री पर छापेमारी कर बड़े पैमाने पर करेंसी बरामद की है। जांच होने तक फैक्ट्री में आवाजाही पर पाबंदी लगा दी गई है।

मुखबिर से सूचना मिली कि मैनपुरी आगरा बाईपास रोड पर संचालित यश प्लाईवुड फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर नोट छिपाकर रखे गए हैं। सूचना पर मंगलवार की दोपहर लगभग 12 बजे डिप्टी कमिश्नर सेन्ट्रल एक्साइज विभाग दिनेश सिंह की अगुवाई में 14 अधिकारियों की टीम नीली बत्ती लगी 4 गाड़ियों से फैक्ट्री पहुंची। अचानक अधिकारियो को आता देख कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। टीम ने देखते ही देखते पूरी फैक्ट्री को अपने कब्जे में ले लिया। इसी बीच एक कर्मचारी ने नोटों से भरे ट्रॉली बेग को फैक्ट्री के पीछे एक घर में फेंक दिया।

टीम के अधिकारियों ने बेग बरामद कर जांच शुरू की तो उसमें 2000 रुपये के नए नोटों के अलावा 100 रुपये की करेंसी भरी मिली। अधिकारियों ने बताया कि बेग में 5 लाख रुपये मिले हैं। अधिकारियों ने आवाजाही पर प्रतिबंध लगाते हुए फैक्ट्री के दस्तावेजो के साथ परिसर में ही बने फैक्ट्री संचालक के मकान की भी तलाश शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि बड़े पैमाने पर बेनामी संपत्ति का खुलासा भी हुआ है।

घनघनाते रहे फोन

कार्यवाही की भनक लगते ही फैक्ट्री संचालक के फोन पर शहर के नामी हस्तियों के फोन घनघनाने लगे। टीम ने सारे फोन कब्जे में लेकर अब फोन करने वालों की भी निगरानी शुरू कर दी है।

बैंक शाखा प्रबंधक भी संदेह के घेरे में

नोटबंदी के बाद जिले में रुपयों का जबरदस्त संकट है। हाल यह है कि बैंकों से लोगों को दो हजार रुपये से ज्यादा नहीं दे रही हैं। ऐसे में फैक्ट्री संचालक पवन गोयल काका के पास दो हजार रुपये के नए नोटों की खेप आखिर कैसे पहुंची।

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