बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ के नाम पर ठगी का गोरखधंधा

बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ के नाम पर ठगी का गोरखधंधायोजना के तहत कन्याओं के नाम पर बैंक खाते 10 हजार रुपये आने का दे रहे झांसा।

लखनऊ। आईआईएम रोड के अल्लूनगर डिगुरिया की रहने वाली रामरती की दो बेटियां हैं। उनको एक दलाल ने कहा कि उनकी दो बेटियां होने के नाते केंद्र सरकार से उनको आर्थिक मदद करेगी।

“बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ योजना” में एक बेटी के हिसाब से खाते हर महीने 10 हजार रुपये आएंगे। मगर इसके लिए उनको 20 हजार रुपये सुविधा शुल्क देना होगा। मगर 20 हजार रुपये लेने के बाद में दलाल गायब हो गया। रामरती ही नहीं, प्रदेश में ऐसे हजारों मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें कुछ लोग “बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ” योजना के नाम से फर्जी पंजीकरण के नाम पर सुविधा शुल्क वसूल रहे हैं।

मगर जब लोगों के खाते में रुपये नहीं आते हैं, तब वे महिला एवं बाल विकास विभाग और अन्य विभागों के चक्कर काटते हैं। इस संबंध में शासन की ओर से अब दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। इस योजना में केवल प्रचार और जागरूकता है, किसी तरह का कोई भी आर्थिक लाभ दिये जाने का प्राविधान नहीं है। इसी तरह का एक केस कानपुर देहात की ग्राम पंचायत करसा में भी सामने आया। यहां के प्रधान संजय सिंह ने बताया, “उनके पास भी इस तरह के कई केस आए हैं। जिसमें लोगों से “बेटी पढाओ, बेटी बचाओ”अभियान के तहत आर्थिक लाभ दिलाने के लिए घूस की मांग की गई है। जिसकी शिकायत मैंने एसडीएम के स्तर तक भी की है।”

असल में केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार आने के बाद हरियाणा में हुई एक रैली में इस योजना की घोषणा की गई थी। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना बाल लैगिंक अनुपात (चाइल्ड सैक्स रेशियो) को संतुलित करने के लिए है, जिसमें बालिकाओं को अनिवार्य शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाना है।

बाल लैगिंक अनुपात में समानता, बालिकाओं को शिक्षा पद्धति से जोड़ने के लिए समेकित प्रयास के उद्देश्य सामुदायिक स्तर पर जन सामान्य को जागरूक किया जाना है। इसमें महिला समाख्या के माध्यम से तथा नुक्कड़ नाटक, महिला संगोष्ठी, महिला सभा, एवं प्रचार प्रसार के माध्यम साधनों का जागरूकता लाने के लिए उपयोग किया गया था।

कोई ठगी की करे कोशिश तो पुलिस को दें जानकारी

लखनऊ के जिला प्रोबेशन अधिकारी सर्वेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि “कुछ समय से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत आर्थिक लाभ दिलाने के नाम पर पब्लिक को भ्रमित कर अवैध वसूली किये जाने के मामले सामने आ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना में किसी प्रकार के आर्थिक लाभ की सुविधा किसी भी व्यक्ति को दिये जाने का कोई प्राविधान नहीं है। उन्होने अपील की है कि किसी व्यक्ति के द्वारा बेटी बचाओ बेटी- पढ़ाओ योजना के नाम पर आर्थिक लाभ दिलाये जाने के प्रलोभन में आकर उसके साथ आर्थिक एवं अन्य प्रकार का कोई संव्यवहार न करें।

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के नाम पर आप व किसी अन्य व्यक्ति के मध्य किये किसी प्रकार के किसी संव्यवहार के लिये महिला एवं बाल विकास विभाग तथा कार्यालय, जिला प्रोबेशन अधिकारी,-लखनऊ कोई प्रक्रिया नहीं करते हैं। इस तरह के मामलों में ठगी होने पर सूचना पुलिस को दें।

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