चेन्नई से सिर्फ दो घंटे की दूरी पर है खतरनाक चक्रवात वरदा, भारी बारिश शुरू

चेन्नई से सिर्फ दो घंटे की दूरी पर है खतरनाक चक्रवात वरदा,  भारी बारिश शुरूभीषण चक्रवाती तूफान वरदा।

चेन्नई (भाषा)। भीषण चक्रवाती तूफान वरदा चेन्नई के करीब 60 किलोमीटर पूर्वोत्तर में पहुंच गया है और इसके आगामी दो घंटों में यहां पहुंचने की संभावना है। ऐसे में शहर एवं तमिलनाडु के तटीय जिलों तिरुवल्लूर एवं कांचीपुरम में आज भारी बारिश हुई, निचले इलाकों में पानी भर गया और तेज हवाओं के कारण सैकड़ों पेड़ उखड़ गए।

भारतीय मौसम विभाग के दोपहर के बुलेटिन के अनुसार अपराह्न दो से शाम पांच बजे के बीच वरदा के तट पर पहुंचने पर इलाके में 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की आशंका है। अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान के तमिलनाडु पहुंचने के मद्देनजर आज सुबह चेन्नई में तेज हवाएं चलेंगी। इन इलाकों के कई हिस्सों में विद्युत आपूर्ति एहतियातन रोक दी गई है।

चक्रवात के निकट आने के कारण बारिश बढ गई जिसके कारण कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया। तमिलनाडु सरकार ने विल्लूपुरम के तटीय तालुकों के अलावा चेन्नई, कांचीपुरम एवं तिरुवल्लूर में शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी की घोषणा कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि यहां रेल एवं विमान सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

हवाईअड्डा अधिकारियों ने बताया कि तेज हवाओं और कम दृश्यता के कारण आने वाली कम-से-कम 25 उडानों के मार्ग में परिवर्तन कर उन्हें हैदराबाद और बेंगलूर हवाईअड्डों की ओर ले जाया गया। इनमें विदेशों से आने वाले कुछ विमान भी शामिल रहे।

अधिकारियों ने बताया कि करीब 25 उड़ानों के संचालन में देरी हुई है। रनवे पर पानी नहीं भरा है। उन्होंने बताया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आपात प्रबंधन दल को तैयार रखा गया है।

इस बीच, दक्षिण रेलवे ने चेन्नई तट और वेलाचेरी एमआरटीसी मार्ग पर सेवाएं स्थगित रखने की घोषणा की है। इसी प्रकार एमएमसी-गूम्मिडिपूंडी लाइन पर भी अगले आदेश तक रेल सेवाओं को स्थगित रखा गया है। चेन्नई आने वाली और यहां से रवाना होने वाली कुछ यात्री ट्रेनों के मार्ग में भी परिवर्तन किया गया है।

इस तूफान के पश्चिम की ओर बढ़ने और उत्तरी तमिलनाडु एवं आंध्र प्रदेश के निकटवर्ती दक्षिणी तटों की ओर बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है।

भारतीय मौसम विभाग के चक्रवात चेतावनी प्रभाग के अनुसार, इस समय बेहद उग्र चक्रवाती तूफान वरदा कमजोर होगा लेकिन यह कमजोर होकर भी उग्र चक्रवाती तूफान होगा।

तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में एनडीआरएफ के 15 से ज्यादा दल तैनात किए गए हैं। थल सेना, नौसेना एवं वायु सेना के साथ सशस्त्र बलों को भी तैयार रहने को कहा गया है ताकि कभी भी आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तैनात किया जा सके। निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में जाने को कहा गया है।

पुडुचेरी में भी आज सुबह से रुक रुक कर बूंदाबांदी हो रही है. राज्य सरकार ने पर्यटकों एवं अन्य लोगों को समुद्र तट के निकट जाने से रोकने के लिए एहतियातन कदम उठाए हैं। समुद्र तट के पास ढाई किलोमीटर लंबी पूरी सड़क लगाए गए हैं। सभी स्कूल एवं कॉलेज आज बंद हैं।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के प्रमुख आरके पचनंदा ने बताया कि आठ दल पहले ही तमिलनाडु के विभिन्न इलाकों में और सात आंध्र प्रदेश में तैनात हैं। कुछ दल आसपास के इलाकों में हैं।

अराकोणम और गुंटूर में कुछ अन्य दलों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि जरुरत पडने पर उन्हें तत्काल भेजा जा सके। हम दोनों राज्यों की सरकारों, भारतीय मौसम विभाग और अन्य राहत एजेंसियों के लगातार संपर्क में हैं।
आरके पचनंदा महानिदेशक राष्ट्रीय आपदा मोचन बल

आंध्र प्रदेश के चित्तूर एवं नेल्लोर के भी प्रभावित होने की आशंका है।

नेल्लोर में बंगाल की खाड़ी के तट के पास सात मंडलों के 9,400 से अधिक लोगों को आज सुबह भारी बारिश के बीच राहत शिविरों में भेजा गया। तमिलनाडु के आठ मछुआरों को श्रीहरिकोटा हाई अल्टीट्यूड रेंज के निकट समुद्र से बचाया गया जबकि 10 अन्य लोगों की तलाश जारी है।

पवित्र तिरुमला पर्वतीय क्षेत्र में कल रात से बारिश हो रही है जिसके कारण भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने टेलीकान्फ्रेंस के जरिए हालात का जायजा लिया और राज्य की एजेंसियों से अत्यधिक सतर्क रहने को कहा है, ताकि जान-माल का नुकसान होने से बचाया जा सके।

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