अंतरिक्ष प्रयोगशाला में पहुंचे चीन के अंतरिक्ष यात्री 

अंतरिक्ष प्रयोगशाला में पहुंचे चीन के अंतरिक्ष यात्री शेनझोऊ 11 अंतरिक्ष यान

बीजिंग (भाषा)। दो अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर गया चीन का शेनझोऊ 11 अंतरिक्ष यान पृथ्वी की परिक्रमा कर रही प्रायोगिक अंतरिक्ष प्रयोगशाला से रिमोट से नियंत्रित स्वचालित अभियान के तहत मंगलवार देर रात मिल गया।

बीजिंग एयरोस्पेस कंट्रोल सेंटर (BACC) ने कहा कि अंतरिक्ष यान के देर रात करीब एक बजे (भारतीय समयानुसार) अंतरिक्ष स्टेशन से सफलतापूर्वक मिलने के बाद अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरिक्ष प्रयोगशाला तियानगोंग 2 में प्रवेश किया। शेनझोऊ 11 का सोमवार को सफल प्रक्षेपण किया गया था। यह चीन का अब तक का सबसे लंबा मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियान है।

BACC ने बताया कि अंतरिक्ष यान पृथ्वी से करीब 393 किलोमीटर ऊपर प्रयोगशाला से मिला। सरकारी चाइना सेंट्रल टेलीविजन (CCTV) ने समारोह का सीधा प्रसारण किया। शेनझोऊ 11 में सवार दो अंतरिक्षयात्रियों जिंग हाइपेंग (50) और चेन दोंग (37) ने बाद में प्रयोगशाला में प्रवेश किया और वे वहां 30 दिन रहेंगे और विभिन्न प्रयोग करेंगे। दोनों अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में कुल 33 दिन रहेंगे।

BACC के उप प्रमुख अभियंता सुन जुन ने सरकारी संवाद समिति शिंहुआ को बताया कि कक्षा संबंधी भविष्यवाणी और प्रयोगशाला से मिलने संबंधी स्वचालित गणना के लिए यान से मिलने के पहले के अभियानों की तुलना में बहुत अधिक सटीकता की आवश्यकता थी। अभियान के कमांडर जिन ने यान के प्रयोगशाला से मिलने के बाद तियानगोंग-2 का द्वार खोला और अंतरिक्ष प्रयोगशाला में प्रवेश किया। उनके बाद चेन ने प्रवेश किया। दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरिक्ष प्रयोगशाला में देश के सभी लोगों का अभिवादन किया और शेनझोऊ 11 और तियानगोंग 2 द्वारा बनाए गए अंतरिक्ष परिसर की स्थिति की समीक्षा की।

अंतरिक्ष प्रयोगशाला में प्रवेश से पहले अंतरिक्ष यात्रियों ने यान के कक्षीय डिब्बे में प्रवेश किया और अपने इंट्रावीहिक्यूलर गतिशीलता इकाई स्पेससूटों को उतारकर नीले रंग के जंपसूट पहने।

तियानगोंग 2 को 15 सितंबर को अंतरिक्ष में भेजा गया था। चीन ने वर्ष 2022 तक अपना मानवयुक्त अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने के प्रयासों के तहत अंतरिक्ष प्रयोगशाला को प्रक्षेपित किया गया था। इसके साथ ही चीन एक मात्र ऐसा देश बन जाएगा जिसके पास सेवा में ऐसी सुविधा होगी क्योंकि मौजूदा समय में सेवा मुहैया करा रहा अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) वर्ष 2024 तक सेवानिवृत्त हो जाएगा।

चीन के मानवयुक्त अंतरिक्ष इंजीनियरिंग कार्यालय की उपनिदेशक वु पिंग ने बताया कि मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियान के अन्य लक्ष्यों में एयरोस्पेस चिकित्सकीय प्रयोग, अंतरिक्ष विज्ञान प्रयोग और मानवीय भागीदारी के साथ कक्षा में रखरखाव का काम करना और अन्य गतिविधियां शामिल हैं। दोनों अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष यात्रा के दौरान पहली बार अल्ट्रासाउंड परीक्षण करेंगे। वे इस दौरान अंतरिक्ष में पौधारोपण करेंगे और सेकेंडरी स्कूल के छात्रों के लिए हांगकांग में आयोजित एक प्रयोग डिजाइन प्रतियोगिता के तीन विजेताओं के प्रयोगों का परीक्षण करेंगे।

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