आदि गुरु शंकराचार्य की स्मृति में ओंकारेश्वर में बनेगा संस्थान      

आदि गुरु शंकराचार्य की स्मृति में ओंकारेश्वर में बनेगा संस्थान      आदि गुरु शंकराचार्य 

ओंकाररेश्वर (भाषा)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सनातन हिन्दू धर्म के महान संत आदि शंकराचार्य के बारे में लोगों को जानकारी देने के उद्देश्य से यहां एक संस्थान स्थापित करने की आज घोषणा की। इसके साथ ही इन पर एक पाठ भी स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

मध्यप्रदेश में चल रही ‘नमामि देवी नर्मदे-सेवा यात्रा' के आज यहां पहुंचने के पहले चौहान ने कहा, ‘‘हिन्दू धर्म के महान संत आदि शंकराचार्य की स्मृति में ओंकारेश्वर में एक संस्थान स्थापित किया जायेगा। इसके साथ ही शंकराचार्य के बारे में बच्चों को जानकारी देने के लिये स्कूली पाठ्यक्रम में एक पाठ भी शामिल किया जायेगा।''

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक प्रसिद्ध तीर्थस्थान ओंकारेश्वर के विकास के लिये यहां प्रवेश कर में छूट देने सहित अनेक घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि इस तीर्थ नगरी के इतिहास की जानकारी देने के लिये यहां लाइट एवं साउंड शो शुरु किया जायेगा। उन्होंने 32 साल की उम्र तक जीने वाले इस संत के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिये यहां उनकी एक बड़ी प्रतिमा लगाने की भी घोषणा की।

उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर ही वह स्थान है जहां युवा शंकराचार्य अपने गुरु गोविंद भगवद्पद से एक गुफा में मिले और अध्यात्मिक उंचाइयों को हासिल किया। शंकराचार्य में देश में चार मठ स्थापित किये तथा अद्वैत वेदांत को देशभर में फैलाया। संतों की मांग पर मुख्यमंत्री ने नर्मदा नदी में कई स्थानों पर वर्ष भर निरंतर बहाव की भी घोषणा की।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने नर्मदा किनारे पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाली शराब की दुकानों को बंद करने का निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार द्वारा नर्मदा नदी के संरक्षण की दिशा में उठाये गये कदमों की जानकारी देते हुए चौहान ने कहा कि नर्मदा किनारे के 15 शहरों में सीवेज ट्रिटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिये 1500 करोड रुपये की आवंटित किए गए हैं।

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